नासिक GST रिश्वत कांड में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग के दो अधिकारियों को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
राष्ट्र संवाद – इंद्र यादव
मुंबई/नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जीएसटी विभाग में बड़े रिश्वत कांड का पर्दाफाश किया है। एसीबी ने राज्य कर उपायुक्त सोमनाथ दत्तू पागे (47) और सहायक राज्य कर आयुक्त मच्छिंद्र विठ्ठल दोंदे (55) को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में रिश्वत की रकम लेने पहुंचे उनके निजी सहयोगी अमित हिरामण जाधव को भी गिरफ्तार किया गया है। 1.25 करोड़ मांगे, 1 करोड़ में तय हुई डील एसीबी के अनुसार, आरोपित अधिकारियों ने एक कारोबारी के खिलाफ जीएसटी कार्रवाई का मामला दबाने के बदले पहले 1 करोड़ 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में मोलभाव के बाद यह सौदा 1 करोड़ रुपये में तय हुआ। इसकी पहली किस्त के रूप में 20 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।
20 लाख लेते ही एसीबी ने दबोचा जैसे ही निजी व्यक्ति अमित जाधव शिकायतकर्ता के कार्यालय में 20 लाख रुपये लेने पहुंचा, पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ के बाद दोनों अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
घर की तलाशी में मिला नकद गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपित अधिकारियों के घरों की तलाशी ली, जहां से करीब 2 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। एसीबी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा संदेश है।

