लेखक: देवानंद सिंहनीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। यह केवल एक मंत्री के पद छोड़ने का मामला नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर उठे सवालों का परिणाम है, जिस पर करोड़ों छात्र और उनके परिवार अपना भविष्य टिका हुआ मानते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना को केवल राजनीतिक जीत या हार के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के अवसर के रूप में लिया जाए।नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक: आगे की राहधर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे…
Author: Devanand Singh
लेखक: देवानंद सिंहनीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। यह केवल एक मंत्री के पद छोड़ने का मामला नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर उठे सवालों का परिणाम है, जिस पर करोड़ों छात्र और उनके परिवार अपना भविष्य टिका हुआ मानते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना को केवल राजनीतिक जीत या हार के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के अवसर के रूप में लिया जाए।धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएंधर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातानई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल को देश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए कई महत्वपूर्ण सुधारों के लिए याद किया जाएगा।गिरिराज सिंह ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक और भविष्य उन्मुख बनाने तथा विद्यार्थियों के हित में कई अहम निर्णयों के माध्यम से धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि व्यापक हितों को सर्वोपरि रखते हुए धर्मेंद्र प्रधान का पद…
लेखक: देवानंद सिंहनीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। यह केवल एक मंत्री के पद छोड़ने का मामला नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर उठे सवालों का परिणाम है, जिस पर करोड़ों छात्र और उनके परिवार अपना भविष्य टिका हुआ मानते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना को केवल राजनीतिक जीत या हार के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के अवसर के रूप में लिया जाए।धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आगे की राहधर्मेंद्र प्रधान ने अपने…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल ने देश की शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल को देश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए कई महत्वपूर्ण सुधारों के लिए याद किया जाएगा। गिरिराज सिंह ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक और भविष्य उन्मुख बनाने…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातादेशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बिहार के बेगूसराय जिले से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।छात्र आंदोलन पर बेगूसराय पुलिस का स्पष्ट संदेशराष्ट्र संवाद संवाददाताबेगूसराय। देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों के बीच बेगूसराय पुलिस ने शुक्रवार को छात्रों और अभिभावकों के नाम एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की। पुलिस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को अपनी बात रखने और मांगों को अभिव्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन इसका प्रयोग केवल शांतिपूर्ण और…
बिहार विधानसभा में शुक्रवार को जातीय पहचान और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर असामान्य स्थिति देखने को मिली जब सत्ता पक्ष के विधायकों ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। बिहार विधानसभा में उठे सवाल बिहार विधानसभा में शुक्रवार को जातीय पहचान और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर उस समय असामान्य स्थिति देखने को मिली, जब सत्ता पक्ष के विधायकों ने अपनी ही सरकार से जवाब-तलब किया। भाजपा और जद(यू) के विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने कहा…
लेखक: एजेंसी बिहार विधानसभा में शुक्रवार को जातीय पहचान और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर उस समय असामान्य स्थिति देखने को मिली, जब सत्ता पक्ष के विधायकों ने अपनी ही सरकार से जवाब-तलब किया। भाजपा और जद(यू) के विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। जातीय पहचान और आरक्षण: विधायकों की मांग ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार के राजस्व अभिलेखों, जिला गजेटियर और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में संबंधित जाति के लिए ‘भूमिहार ब्राह्मण’ शब्द का उल्लेख है, जबकि बिहार सरकार की जाति सूची…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताठाणे महानगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पॉश इलाकों में निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। पोखरण रोड नंबर 2 जैसे व्यस्त मार्ग पर स्थित बड़ी आवासीय परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम बात हो गई है। ताजा मामला जगदाले एवेसा परिसर का है, जहां निर्माणाधीन स्थल पर बरती गई लापरवाही ने दर्जनों परिवारों की नींद उड़ा दी है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिल्डर और प्रशासन दोनों ही मूकदर्शक बने हुए हैं।जगदाले एवेसा निर्माण स्थल पर खतरे की घंटीइंद्र यादव/मुंबई/ठाणे के पॉश इलाके पोखरण रोड नंबर 2 पर स्थित…
लेखक: इंद्र यादवजगदाले एवेसा के पीछे खतरनाक मलबाइंद्र यादव/मुंबई/ठाणे के पॉश इलाके पोखरण रोड नंबर 2 पर स्थित ‘जगदाले एवेसा’ के पीछे इन दिनों कंस्ट्रक्शन (निर्माण) का काम चल रहा है। इस निर्माण स्थल पर भारी लापरवाही सामने आई है, जिससे वहां रहने वाले लोगों और आने-जाने वाले राहगीरों की जान खतरे में पड़ गई है।हवा में लटका मौत का सामाननिर्माण स्थल पर लगभग 200 से 250 किलो भारी मलबा एक सुरक्षा जाली (Net) में हवा में झूल रहा है।टूट चुकी है रस्सीकुछ दिन पहले चली तेज हवाओं के कारण इस मलबे को थामने वाली रस्सी और ऊपर की जाली…
