Author: Devanand Singh

लेखक: ललित गर्ग आचार्य भिक्षु भारतीय आध्यात्मिक परम्परा के युगद्रष्टा महापुरुष हैं। आचार्य भिक्षु का जीवन और दर्शन भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि धर्म की आत्मा को पुनः प्रतिष्ठित किया। वे परम्परा के अनुयायी भर नहीं बने, बल्कि समय की आवश्यकताओं के अनुरूप धर्म को नया जीवन, नई दृष्टि और नई दिशा दी। ऐसे ही युगद्रष्टा थे आचार्य श्री भिक्षु। उन्होंने धर्म को कर्मकाण्ड, आडम्बर और रूढ़ियों के बंधनों से मुक्त कर सत्य, अहिंसा, संयम, आत्मानुशासन और चरित्र-निर्माण की सुदृढ़ भूमि पर स्थापित किया। इसीलिए वे केवल तेरापंथ…

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लेखक: ललित गर्गआचार्य भिक्षु: व्यक्ति-क्रांति से धर्म-क्रांति के पुरोधाभारतीय आध्यात्मिक परम्परा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया, बल्कि धर्म की आत्मा को पुनः प्रतिष्ठित किया। वे परम्परा के अनुयायी भर नहीं बने, बल्कि समय की आवश्यकताओं के अनुरूप धर्म को नया जीवन, नई दृष्टि और नई दिशा दी। ऐसे ही युगद्रष्टा थे आचार्य श्री भिक्षु। उन्होंने धर्म को कर्मकाण्ड, आडम्बर और रूढ़ियों के बंधनों से मुक्त कर सत्य, अहिंसा, संयम, आत्मानुशासन और चरित्र-निर्माण की सुदृढ़ भूमि पर स्थापित किया। इसीलिए वे केवल तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक नहीं, बल्कि भारतीय धार्मिक चेतना में धर्म-क्रांति…

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लेखक: महेन्द्र तिवारीझारखंड में ओपन जेल की स्थापनाझारखंड में ओपन जेल की स्थापना भारतीय कारा व्यवस्था में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है। सदियों से जेलों का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को समाज से अलग रखकर उन्हें कठोर दंड देना माना जाता रहा है। लेकिन आधुनिक न्याय व्यवस्था का दृष्टिकोण अब इस संकीर्ण सोच से काफी आगे निकल चुका है। आज की न्याय प्रणाली यह मानती है कि अपराध करने वाले व्यक्ति को केवल सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सुधारकर समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाना अधिक आवश्यक है। इसी सुधारात्मक सोच के आधार पर…

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कोलकाता में शुक्रवार को हुए नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार गुंडा अधिनियम का इस्तेमाल किया है। गुंडा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का निर्देश कोलकाता, 25 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने शुक्रवार को हुए नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोपियों के खिलाफ पहली बार गुंडा अधिनियम का इस्तेमाल किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जिसे “उनकी आने वाली तीन पीढ़ियां याद रखेंगी।” शुभेंदु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान…

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लेखक: महेन्द्र तिवारीझारखंड में ओपन जेल की स्थापना: एक ऐतिहासिक कदमझारखंड में ओपन जेल की स्थापना भारतीय कारा व्यवस्था में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है। सदियों से जेलों का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को समाज से अलग रखकर उन्हें कठोर दंड देना माना जाता रहा है। लेकिन आधुनिक न्याय व्यवस्था का दृष्टिकोण अब इस संकीर्ण सोच से काफी आगे निकल चुका है। आज की न्याय प्रणाली यह मानती है कि अपराध करने वाले व्यक्ति को केवल सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सुधारकर समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाना अधिक आवश्यक है। इसी सुधारात्मक सोच…

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लेखक: महेन्द्र तिवारीझारखंड में ओपन जेल की स्थापना भारतीय कारा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है, जो दंडात्मक न्याय से सुधारात्मक न्याय की ओर एक बड़ा कदम है।झारखंड में ओपन जेल की स्थापना भारतीय कारा व्यवस्था में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है। सदियों से जेलों का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को समाज से अलग रखकर उन्हें कठोर दंड देना माना जाता रहा है। लेकिन आधुनिक न्याय व्यवस्था का दृष्टिकोण अब इस संकीर्ण सोच से काफी आगे निकल चुका है। आज की न्याय प्रणाली यह मानती है कि अपराध करने वाले व्यक्ति को केवल सजा…

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लेखक: इंद्र यादवमुजफ्फरनगर में एक शिक्षण संस्थान के प्रबंधक पर नौकरी के बदले यौन शोषण की मांग करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे देश के शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित एक शिक्षण संस्थान के प्रबंधक पर नौकरी देने के बदले यौन शोषण की मांग करने के आरोप और उनकी गिरफ्तारी ने पूरे समाज को झकझोर दिया है।मुजफ्फरनगर मामले में नैतिक पतन का प्रतीकयदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो…

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लेखक: देवानंद सिंहनीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। यह केवल एक मंत्री के पद छोड़ने का मामला नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर उठे सवालों का परिणाम है, जिस पर करोड़ों छात्र और उनके परिवार अपना भविष्य टिका हुआ मानते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना को केवल राजनीतिक जीत या हार के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के अवसर के रूप में लिया जाए।नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक: आगे की राहधर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे…

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लेखक: देवानंद सिंहनीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। यह केवल एक मंत्री के पद छोड़ने का मामला नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर उठे सवालों का परिणाम है, जिस पर करोड़ों छात्र और उनके परिवार अपना भविष्य टिका हुआ मानते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना को केवल राजनीतिक जीत या हार के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के अवसर के रूप में लिया जाए।धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएंधर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातानई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल को देश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए कई महत्वपूर्ण सुधारों के लिए याद किया जाएगा।गिरिराज सिंह ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक और भविष्य उन्मुख बनाने तथा विद्यार्थियों के हित में कई अहम निर्णयों के माध्यम से धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि व्यापक हितों को सर्वोपरि रखते हुए धर्मेंद्र प्रधान का पद…

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