लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। पितृपक्ष की अमावस्या पर शनिवार को अंत्योदय एक अभियान की ओर से जुगसलाई स्थित पार्वती घाट में 599 अज्ञात एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के शवों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से श्राद्ध कर्म, पिंडदान और हवन किया गया। इस अवसर पर एक हजार लोगों के बीच श्राद्ध भोज कराया गया। साथ ही अभियान में सहयोग करने वाले पार्वती घाट के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।
अंत्योदय एक अभियान की प्रेरणा और संकल्प
पत्रकार एवं जुगसलाई नगर परिषद के पार्षद प्रवीण सेठी ने 2022 में गणेश चतुर्थी के दिन अंत्योदय एक अभियान की शुरुआत की थी। दिव्यांग दंपति के अंतिम संस्कार के बाद उन्होंने संकल्प लिया था कि लावारिस शवों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और विधि-विधान से कराएंगे। अभियान के तहत अब तक 466 अज्ञात और 133 आर्थिक रूप से कमजोर लोगों सहित कुल 599 शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है।
आत्मा की शांति के लिए विशेष आयोजन
प्रवीण सेठी ने बताया कि जिन लोगों का इस दुनिया में कोई अपना नहीं है, उनकी मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष की अमावस्या पर श्राद्ध कर्म और पिंडदान किया गया। अभियान से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप में शहर के व्यापारी, शिक्षाविद, पुलिस पदाधिकारी, डॉक्टर और मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं, जो अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करते हैं।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि लावारिस शव मिलने या आर्थिक परेशानी के कारण अंतिम संस्कार में असमर्थ होने पर 9204886232 पर संपर्क करें। अभियान के तहत यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से भी सामाजिक कल्याण योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

