राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल- हरियाणा के भिवाड़ी स्थित दिल्ली–जयपुर हाईवे के कापड़ियावास क्षेत्र में सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी की एक निर्माणाधीन साइट पर हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 40-40 लाख रुपये मुआवजा तथा एक-एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।
इस हादसे में ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बुरुहातु गांव निवासी शिव शंकर सिंह मुंडा की भी मौत हो गई थी। वे आजसू पार्टी के जुझारू कार्यकर्ता सीमंत सिंह मुंडा के भाई थे। शुक्रवार को हरियाणा से उनका पार्थिव शरीर बुरुहातु गांव पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों समाजसेवी राजनीति दलों के नेता आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किया,। स्थानीय विधायक सविता महतो ने भी श्रम मंत्री से मुलाकात कर मुआवजा देने एवं पार्थिव शरीर को गांव पहुंचाने का मांग कि थी । मंत्री संजय सेठ एवं सांसद विद्युत वरण महतो के प्रयास से सभी मृतकों के परिवारों को 40-40 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी है। फिलहाल प्रत्येक परिवार को 20-20 लाख रुपये की अग्रिम मुआवजा राशि भी प्रदान कर दी गई है। मालूम हो कि दिल्ली–जयपुर हाईवे के कापड़ियावास क्षेत्र में सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी की निर्माणाधीन साइट पर खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से सात मजदूर मलबे में दब गए थे। घटना के बाद प्रशासन और बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया। कई मशीनों की मदद से मलबा हटाकर सभी सात मजदूरों को बाहर निकाला गया और भिवाड़ी के राजकीय जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही गांव और पुरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

