राष्ट्र संवाद संवाददाता
कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम जिले में राखा माइंस चला रही जिंदल कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन छिड़ने वाला है। शुक्रवार को मुर्गा गुट्टू गांव में हुई ग्रामसभा में युवा नेता अमित महतो ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया।
बारिश भी नहीं तोड़ पाई हौसला
माझी परगना व्यवस्था के तहत बुलाई गई ग्रामसभा में तेज बारिश के बीच भी सैकड़ों महिला-पुरुष छाता लेकर डटे रहे। पेड़ों की ओट में खड़े होकर ग्रामीणों ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। बैठक में प्रानिक भोलानाथ टुडू और मलय महतो भी मौजूद रहे।
क्या हैं ग्रामीणों के आरोप?
जहर उगल रहे नाले
ग्रामीणों का आरोप है कि जिंदल कंपनी माइंस से निकलने वाला खतरनाक केमिकल युक्त पानी सीधे गांव के नालों में बहा रही है। इस पानी का pH मान बहुत ज्यादा है और इसमें हैवी मिनरल्स घुले हैं। Central Mining Rules के तहत इसे ट्रीट किए बिना नहीं बहाया जा सकता। इसी पानी से गांव के लोग नहाते हैं, कपड़े धोते हैं और मवेशी पीते हैं। मरखी जैसे धार्मिक काम भी इसी पानी से होते हैं।
नौकरी में बाहरी लोगों को तरजीह
ग्रामसभा में आरोप लगा कि विस्थापितों को नौकरी देने की बजाय मोटी रकम लेकर बाहरी लोगों को रखा जा रहा है। सालों पहले जिन विस्थापितों को क्वार्टर मिले थे, वे आज खंडहर बन चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के बिचौलिए के घर जरूर चमका दिए गए हैं।
रास्ता बंद, गंदा पानी सप्लाई
कंपनी गांव के पुराने नाले को अपनी बाउंड्री में ले रही है। इससे लोगों का आना-जाना बंद हो जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर जो टैंकर भेजे जा रहे हैं, उनका पानी इतना गंदा है कि पीया नहीं जा सकता। CSR के तहत सड़क, स्कूल और अस्पताल की सुविधा भी नहीं मिली।
अमित महतो बोले : शोषण बर्दाश्त नहीं
ग्रामसभा में अमित महतो ने कहा, “हमने देश के विकास के लिए जमीन दी, घर उजाड़ा। आज माइंस शुरू हुई तो हमें जहर, जर्जर मकान और गंदा पानी मिला। हमारा हक बाहरी लोगों को बेचा जा रहा है। यह शोषण अब बर्दाश्त नहीं होगा।”
आगे क्या : माझी बाबा बुलाएंगे महा-ग्रामसभा
बारिश के कारण बैठक पूरी नहीं हो सकी। अब जल्द माझी बाबा की अध्यक्षता में महा-ग्रामसभा बुलाई जाएगी। इसमें 100 से ज्यादा विस्थापित परिवार शामिल होंगे। इसी बैठक में आंदोलन की तारीख तय होगी। ग्रामीण CO, SDO, माइनिंग विभाग और कंपनी प्रबंधन को मांग पत्र सौंपकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।

