RC कैंसल और फिटनेस खत्म वाहन से विस्फोटक परिवहन का आरोप, तुरामडीह माइंस की सुरक्षा पर सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) के तुरामडीह माइंस से जुड़े एक वाहन के कथित रूप से विस्फोटक सामग्री परिवहन में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। उपलब्ध तस्वीरों में वाहन संख्या JH05AF4450 दिखाई दे रही है। उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड में वाहन की स्थिति ‘RC Cancel’ दर्ज है, जबकि इसकी फिटनेस 9 अगस्त 2020 को समाप्त हो चुकी है। वाहन को माल परिवहन (LGV) श्रेणी में दर्ज बताया गया है।
आरोप है कि उक्त वाहन का इस्तेमाल झरिया मैगजीन से तुरामडीह माइंस तक विस्फोटक सामग्री ले जाने में किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रद्द पंजीकरण और समाप्त फिटनेस वाले वाहन को विस्फोटक परिवहन के लिए सड़क पर चलाने की अनुमति किस स्तर से मिली।
मामले में तुरामडीह माइंस प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की मांग उठी है। संबंधित प्रबंधक मनोज कुमार मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग की गई है, हालांकि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच के बाद ही तय की जानी चाहिए।
PESO के विस्फोटक संबंधी नियमों के तहत विस्फोटक परिवहन के लिए अनुमोदित वाहन और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वाहन के दस्तावेज, अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।

विस्फोटक परिवहन में जवाबदेही तय हो : सतीश सिंह
भाजपा नेता सतीश सिंह ने सवाल उठाया कि यदि वाहन का पंजीकरण रद्द था और फिटनेस वर्षों पहले समाप्त हो चुकी थी, तो संवेदनशील एवं विस्फोटक सामग्री के परिवहन में उसका इस्तेमाल किस आधार पर किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवहन में वाहन की तकनीकी स्थिति, वैध अनुमति, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
सतीश सिंह ने UCIL प्रबंधन, प्रशासन और संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय करने और वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने तुरामडीह माइंस के प्रबंधक मनोज कुमार मिश्रा की भूमिका की भी जांच की मांग की, हालांकि व्यक्तिगत जिम्मेदारी जांच के बाद ही तय किए जाने की बात कही।

