राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा स्थित उच्च विद्यालय, जादूगोड़ा प्लस टू परिसर में निर्माणाधीन प्लस टू भवन के कार्यों का निरीक्षण विधायक के दिशा निर्देश पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रखंड कमेटी द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कमेटी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि एक बोरा सीमेंट में जहां 1:4:7 (सीमेंट, बालू और गिट्टी) के अनुपात का उपयोग होना चाहिए, वहां ठेकेदार द्वारा 9 गमला बालू और 7 गमला गिट्टी का अनुपात मिलाया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है. इसके अलावा, निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाले अल्ट्राटेक सीमेंट के बजाय स्थानीय स्तर का “बांगड” सीमेंट उपयोग में लाया जा रहा है।
सुधीर सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को निर्धारित मजदूरी से कम, मात्र 300 रुपये प्रतिदिन भुगतान किया जा रहा है. साथ ही भवन निर्माण में प्रयुक्त लाल ईंट भी घटिया गुणवत्ता की बताई गई।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग से भवन की मजबूती पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ा कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि इसी तरह निर्माण कार्य चलता रहा तो भविष्य में इस भवन में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
प्रखंड अध्यक्ष सुधीर ने बताया कि इस मामले की शिकायत पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीब सरदार से की गई है, जिन्होंने भी इस पर नाराजगी व्यक्त की है और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्कूल प्रबंधन के द्वारा भी भवन के निर्माण पर शुरू से ही आपत्ति जताई जा रही है प्रबंधन के द्वारा यह बताया गया कि यहां 12 एम एम के छढ़ के जगह 8 एम एम का छढ लगाया जा रहा है ।
पानी भी सही तरीके से भवन में नहीं दी जा रही है अभी से कई जगह दरार होने लग गई है ठेकेदार को बोलने से कोई सुनवाई नहीं करते हैं।
बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
अवैध रूप गिट्टी बालू से काम कराया जा रहा है इसकी भी जांच होनी चाहिए चालान है कि नहीं इसका जांच होना चाहिए।
वही भवन के निर्माण होने से बच्चों में भी काफी दहशत का माहौल है कई परिजनों ने भी इसकी शिकायत की है उनका कहना कि भवन के गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होने चाहिए यहां पर बच्चे पढ़ने आएंगे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं के द्वारा ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है
इस भवन का निर्माण लगभग एक करोड़ 10 लाख की लागत से बनाई जा रही है।
निरीक्षण के दौरान सुधीर सोरेन के साथ भुवनेश्वर सरदार, हितेश भकत, चक्रधर महतो, रमेश सोरेन, वीरेन पात्रों सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डी ओ मनोज कुमार ने कहा कि पूरे भवन का निर्माण का जांच ए ई ओर जे ई भेज कर कराया जाएगा और कार्रवाई होगी।

