Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » इस तरह तबाह किया आतंक का गढ़ बालाकोट कैंप
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    इस तरह तबाह किया आतंक का गढ़ बालाकोट कैंप

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 27, 2019No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली: बालाकोट के आतंकी ठिकाने पर हमला कर भारतीय वायुसेना ने जैश ए मुहम्मद की कमर तोड़ दी है. हमले में न सिर्फ जैश के लगभग 25 टॉप कमांडर समेत 300 से अधिक आतंकी मारे गए, बल्कि हथियारों का जखीरा भी बर्बाद हो गया.जैश ए मुहम्मद के लिए यह आतंकियों को हथियारों की एडवांस ट्रेनिंग देने का प्रमुख कैंप था. आइएसआइ और पाकिस्तान सेना के संरक्षण में चलने वाले आतंकी ट्रेनिंग कैंप में जैश के अलावा हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को भी ट्रेनिंग दी जाती थी.हवाई हमले के लिए बालाकोट को चुने जाने की वजह बताते हुए सुरक्षा एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अजहर मसूद की मुख्य आतंकी गतिविधियों का केंद्र यही था. 1999 में कंधार विमान अपहरण के एवज में रिहा किए जाने के बाद मसूद ने जैश ए मुहम्मद के आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए बालाकोट को चुना था.तब से यहां आतंकियों की ट्रेनिंग का सिलसिला अभी तक जारी है. परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल में भले ही जैश ए मुहम्मद को प्रतिबंधित कर दिया गया था, पर इसके आतंकी शिविर का इस्तेमाल हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए होता रहा.एजेंसियों के मुताबिक बहावलपुर के मदरसे में बच्चों और युवाओं को कट्टरता का पाठ पढ़ाकर आतंकी बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है, लेकिन असली ट्रेनिंग उन्हें बालाकोट में ही दी जाती थी. जैश ए मुहम्मद के लिए बालाकोट के ट्रेनिंग कैंप की अहमियत को इस बात से समझा जा सकता है कि मसूद अजहर का सगा बहनोई मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी के हाथ में इसकी कमान थी.मसूद अजहर को जेल से छुड़ाने के लिए यूसुफ अजहर ने ही इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण किया था. कुंहर नदी के तट पर बालाकोट शहर से 20 किलोमीटर दूर इस कैंप में आत्मघाती हमले से लेकर समुद्री रास्ते से हमले की भी ट्रेनिंग दी जाती थी.अत्याधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग के लिए यहां फायरिंग रेंज भी था और आतंकियों के लिए जिम की सुविधा भी थी. पाकिस्तान सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी यहां आतंकियों को ट्रेनिंग देते थे. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल राशिद हाजी को भी ट्रेनिंग इसी कैंप में दी गई थी.यही नहीं, अलग-अलग हिस्से में सक्रिय आतंकियों के सुरक्षित संपर्क के लिए एक सेंटर भी बना रखा था. इसे जैश का अल्फा-तीन सेंटर कहा जाता था. यहीं से आतंकियों को हमले के लिए संदेश भेजे जाते थे और उनके बीच समन्वय का काम किया जाता था.एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक के डर से आतंकियों को पीओके के लांच पैड से हटा लिया गया था और उन्हें इसी कैंप में रखा गया था. उन्हें भारत में अगले आतंकी हमले के लिए ट्रेनिंग दी जा रही थी. खैबर पख्तूनख्वा में स्थित जैश का यह अड्डा सामरिक रूप से काफी अहम माना जाता था.पीओके से बाहर पाकिस्तान की सीमा के भीतर होने के कारण इसे भारतीय आक्रमण से सुरक्षित माना जाता था. वहीं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से इसकी दूरी भी बहुत ज्यादा नहीं थी. लेकिन पहली बार भारतीय वायुसेना ने पीओके के उस पार पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहेडलाइनस राष्ट्र संवाद
    Next Article सभी घरों में नि:शुल्क लगेंगे प्रीपेड बिजली मीटर :  नीतीश कुमार

    Related Posts

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    June 21, 2026

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    June 21, 2026

    राम मंदिर के चढ़ावे पर चुप्पी क्यों? जवाबदेही का सवाल

    June 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    राम मंदिर के चढ़ावे पर चुप्पी क्यों? जवाबदेही का सवाल

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    The Bharat Tiwari Encounter: A National Debate on Justice, Accountability, and Public Trust

    त्रिकोणीय जंग में उत्तराखंड की राजनीति का भविष्य

    स्लम क्षेत्र के बच्चों को योग से जोड़ने की अनूठी पहल, योग दिवस पर सफल आयोजन

    जमशेदपुर महानगर के सभी मंडलों में भाजपा ने पूरे मनोयोग से मनाया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में साकची में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिले में सामूहिक योगाभ्यास, उपायुक्त राजीव रंजन ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.