राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल: उपायुक्त के निर्देश पर चांडिल अनुमंडल प्रशासन ने कपाली नगर परिषद क्षेत्र में शुक्रवार को संचालित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। चांडिल एसडीएम विकास राय के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों की जांच की।
कार्रवाई के दौरान रहमत नगर निवासी ताहिर कुरैशी के बूचड़खाने से दो गायों को जब्त किया गया। प्रशासन ने दोनों मवेशियों को गौशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं संबंधित बूचड़खाने को कपाली नगर परिषद द्वारा सील कर दिया गया।
अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसडीएम विकास राय ने बताया कि क्षेत्र से लगातार अवैध बूचड़खानों और कथित गोकशी की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाया।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान एक लाइसेंसी बूचड़खाना मिला, जिसके दस्तावेजों की जांच की गई। संचालक को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है। वहीं कई अन्य बूचड़खाने बंद पाए गए, लेकिन संचालकों की ओर से कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसे मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में यदि कोई अवैध रूप से बूचड़खाना संचालित करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कपाली नगर परिषद को भी निर्देश दिया है कि क्षेत्र में चल रहे सभी अवैध बूचड़खानों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद कराया जाए।
इधर, कार्रवाई के बाद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। कपाली नगर परिषद के सिटी मैनेजर ने दावा किया कि नगर परिषद स्तर से किसी प्रकार का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत किए गए लाइसेंस और दस्तावेजों की भी जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि चांडिल साधु बांध मठिया से दुधारू एवं गर्भवती गाय गंगा नामक की चोरी की शिकायत दर्ज की गई थी.

