राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शुक्रवार को भुईयाडीह के लिट्टी चौक से मानगो एनएच-33 को जोड़ने के लिए स्वर्णरेखा नदी पर बन रहे पुल और फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी गति पर चिंता जताते हुए कहा कि तय समय में परियोजना पूरी करने के लिए मानव बल, मशीनों और संसाधनों की संख्या बढ़ानी होगी।
सरयू राय ने बताया कि पुल निर्माण में देरी का मुख्य कारण डिज़ाइन में बदलाव रहा। प्रारंभिक डिज़ाइन में मानगो की ओर पुल का अंतिम खंभा नदी के भीतर प्रस्तावित था, जिसे उनके सुझाव पर नदी के किनारे स्थानांतरित किया गया। संशोधित डिज़ाइन को स्वीकृति मिलने में एक वर्ष से अधिक समय लगा और दो माह पूर्व ही निर्माण कार्य तेज़ी से शुरू हो सका।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में लिट्टी चौक की ओर दो पिलरों की नींव तैयार हो चुकी है, जबकि तीसरे पर कार्य जारी है। मानगो की ओर दो पिलरों के लिए खुदाई चल रही है। सबसे बड़ी चुनौती नदी के बीच दो पिलरों का निर्माण है, जिसे मानसून से पहले पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि अतिरिक्त मशीनें और मजदूर लगाकर काम की गति बढ़ाई जाए, ताकि बारिश के कारण कार्य बाधित न हो।
अभियंताओं ने पुल निर्माण पूरा होने में एक वर्ष का समय लगने की बात कही, लेकिन सरयू राय ने वर्तमान गति पर इस लक्ष्य को कठिन बताया। उन्होंने पथ निर्माण विभाग को संवेदक से समन्वय कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सरयू राय ने कहा कि पुल बनने के बाद कोलकाता और रांची की ओर से आने वाले भारी वाहन मानगो शहर में प्रवेश किए बिना सीधे इस मार्ग से गुजरेंगे, जिससे मानगो क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी कम होगा। साथ ही, डोबो से लेकर गालूडीह-घाटशिला तक के क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद जितेंद्र साव, स्थानीय नागरिक राजा राम, पथ निर्माण विभाग एवं निर्माण कंपनी के अभियंता उपस्थित थे।

