बंगाल चुनाव परिणाम पर टीएमसी का सवाल, अभिषेक बनर्जी बोले- “हमें हराया नहीं गया, वोट लूटे गए”
राष्ट्र संवाद संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और मतगणना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निगरानी में मतगणना के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली हुई और “वोट लूटकर” टीएमसी को हराया गया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में सीधे छेड़छाड़ संभव नहीं हो सकती, लेकिन EVM मशीनों को बदला जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि जिन EVM पर मतदान हुआ था, मतगणना के दौरान उनके सीरियल नंबर मेल नहीं खा रहे थे।
उन्होंने कहा, “हम हारे नहीं हैं, बल्कि हमें हराया गया है। जिस EVM पर वोट पड़ा, काउंटिंग टेबल पर उसका सीरियल नंबर अलग पाया गया। यह बेहद गंभीर मामला है।”
“काउंटिंग एजेंटों को मारकर भगाया गया”
टीएमसी महासचिव ने आरोप लगाया कि कई मतगणना केंद्रों पर पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ हिंसा की गई। उन्होंने कहा, “दोपहर 2 बजे के बाद हमारे एजेंटों को मारपीट कर बाहर निकाल दिया गया। यह सब CCTV फुटेज में रिकॉर्ड है। सामान्यतः दोपहर तक 80-90 प्रतिशत मतगणना पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन कई जगह केवल 2-3 राउंड की गिनती हुई थी और 20 से अधिक राउंड बाकी थे।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद कई मतगणना केंद्रों पर केवल केंद्र सरकार के कर्मचारी मौजूद थे, जबकि राज्य और केंद्र दोनों के कर्मचारियों की उपस्थिति जरूरी थी।
चुनाव आयोग को CCTV फुटेज जारी करने की चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि चुनाव निष्पक्ष हुए हैं तो मतगणना केंद्रों की CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए, खासकर दोपहर 12 बजे के बाद के छह घंटे की रिकॉर्डिंग।
उन्होंने कहा, “टीएमसी और बीजेपी के बीच करीब 32 लाख वोटों का अंतर दिखाया जा रहा है। पहले 30 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए और बाद में लाखों नए नाम जोड़े गए। मतगणना में भी 10 से 15 लाख वोटों की हेराफेरी हुई है।”
उन्होंने कहा कि यदि जनता का यही जनादेश है तो टीएमसी उसे स्वीकार करेगी, लेकिन पहले पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन
टीएमसी नेता ने बताया कि पार्टी ने पूरे मामले की जांच के लिए 12 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की है। इसके तहत तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो जल्द ही विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार करेंगी।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मजबूत बने रहने की अपील करते हुए कहा, “हमें टॉर्चर किया जा रहा है, लेकिन पार्टी अपने हर कार्यकर्ता के साथ मजबूती से खड़ी है।”
“विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार”
संवैधानिक संकट संबंधी सवालों पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आगे क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला संबंधित संवैधानिक और सक्षम प्राधिकार करेंगे।

