Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » दलगत राजनीति की दीवार टूटी, निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब अभय सिंह फूट-फूटकर रोए
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद धर्म रांची राजनीति संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    दलगत राजनीति की दीवार टूटी, निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब अभय सिंह फूट-फूटकर रोए

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 7, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    दलगत राजनीति की दीवार टूटी, निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब अभय सिंह फूट-फूटकर रोए
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    दलगत राजनीति की दीवार टूटी, निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब अभय सिंह फूट-फूटकर रोए, और इसी के साथ शहर के एक युग का दुखद अंत हुआ। हिन्दूवादी नेता निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में शनिवार को जमशेदपुर में बेहद भावुक और मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। उनके अंतिम दर्शन के लिए बुद्धिजीवी, समाजसेवी, साहित्यकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता दलगत भावना से ऊपर उठकर शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

    दलगत राजनीति की दीवार टूटी और उमड़ा जनसैलाब

    जब शव यात्रा शुरू हुई, तो पूरा मार्ग लोगों के हुजूम से पट गया था। निर्भय सिंह के व्यक्तित्व की यही सबसे बड़ी खूबी थी कि वे पार्टी लाइन से हटकर लोगों के दिलों में बसते थे। अंतिम विदाई के इस मौके पर वहां मौजूद हर व्यक्ति के मन में गहरा दुख था। अभय सिंह, जो भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हैं, अपने प्रिय साथी निर्भय सिंह की अर्थी को कंधा देते समय खुद को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े। यह दृश्य वहां मौजूद हजारों लोगों को भी भावुक कर गया। यह दिखाता है कि राजनीति के मंच अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवीय रिश्ते अटूट होते हैं।

    अंतिम यात्रा का संदेश

    निर्भय सिंह की अंतिम विदाई ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया है कि मृत्यु के सामने कोई भी दलगत राजनीति बड़ी नहीं होती। इंसानी रिश्तों की गरिमा और आत्मीयता हर प्रकार के वैचारिक मतभेदों से ऊपर है। उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए गणमान्य नागरिकों ने बताया कि वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति थे जो हर किसी के सुख-दुख में खड़ा रहता था। जमशेदपुर की गलियों में आज सन्नाटा था, क्योंकि उनका प्रिय व्यक्तित्व अब भौतिक रूप से उनके बीच नहीं रहा।

    उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और जुड़ाव का प्रमाण बना। हिन्दूवादी नेता के रूप में उनकी पहचान तो थी ही, लेकिन उससे कहीं अधिक वे अपनी सामाजिक सेवा के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से शहर के हर वर्ग में शोक की लहर दौड़ गई है। अभय सिंह का बिलखना इस बात की गवाही देता है कि उनके बीच का संबंध राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक और वैचारिक था जो कई दशकों से चला आ रहा था। अंतिम संस्कार के समय जब चिता को मुखाग्नि दी गई, तो सभी की आंखें नम थीं और प्रार्थनाओं का स्वर गूंज रहा था। अंततः निर्भय सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए, लेकिन उनकी स्मृतियां हमेशा जीवंत रहेंगी।

    अंतिम यात्रा अभय सिंह निर्भय सिंह
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleओड़िया भाषाई अल्पसंख्यकों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल से मिले डॉ. दिनेश षाडंगी
    Next Article *lसमय पर जांच और इलाज से कैंसर पर पाया जा सकता है नियंत्रण

    Related Posts

    नाटक-झांकी में जीवंत हुई छठ की महिमा, बच्चों ने मंच पर उतारी लोकआस्था की परंपरा

    November 7, 2026

    छठ की आस्था, परंपरा और भक्ति का मंच पर दिखा अद्भुत संगम, बच्चों ने जीवंत किया महापर्व

    November 7, 2026

    विद्यालय में दीपोत्सव के आयोजन कर हरित दीपावली का दिया संदेश

    November 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    नाटक-झांकी में जीवंत हुई छठ की महिमा, बच्चों ने मंच पर उतारी लोकआस्था की परंपरा

    छठ की आस्था, परंपरा और भक्ति का मंच पर दिखा अद्भुत संगम, बच्चों ने जीवंत किया महापर्व

    विद्यालय में दीपोत्सव के आयोजन कर हरित दीपावली का दिया संदेश

    विद्यालय में छात्राओं ने बिखेरे कला और लोक संस्कृति के रंग

    शहीदों की स्मृति में छोटा गम्हरिया में जले सैकड़ों दीप

    दुर्गा सप्तशती का जो पाठ करता है उन्हें चारों पदार्थ की सिद्धि प्राप्त होती है: महर्षि चिदात्मन जी।

    उत्कृष्ट कार्य के लिए चीफ पोस्टमास्टर जनरल ने मालपुर शाखा डाकपाल को किया सम्मानित

    काली पूजा को लेकर निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा

    पूर्व पार्षद की 22 वर्षीय पुत्री सिमरन का निधन, गम्हरिया में शोक

    संस्कारोदय एकेडमी में दिखा सेवा और आध्यात्मिकता का संगम

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.