

विद्यालय में दीपोत्सव के आयोजन कर हरित दीपावली का दिया संदेश। बेगूसराय के सुसंस्कार शिक्षा निकेतन विद्यालय में दीपावली के पावन अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उत्सव के माध्यम से बच्चों ने न केवल त्यौहार की खुशियां मनाईं, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए ‘हरित दीपावली’ का संदेश भी समाज को दिया। यह कार्यक्रम विद्यालय परिसर की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा और संस्कारों के अनूठे मेल को दर्शाता है।
विद्यालय में दीपोत्सव के आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना का संचार
दीपावली के पावन अवसर पर सुसंस्कार शिक्षा निकेतन विद्यालय में भव्य रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपनी कल्पना और रचनात्मकता से मनमोहक रंगोलियां बनाकर सबका मन मोह लिया। बच्चों ने रंगों के माध्यम से माँ लक्ष्मी, दीप, शुभ-लाभ, स्वच्छ भारत और संस्कार जैसे विषयों को खूबसूरती से दर्शाया। पूरा विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी रंगोलियों से जगमगा उठा, जिससे दीपावली का उत्साह दोगुना हो गया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉक्टर रणधीर कुमार ने कहा कि रंगोली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति और संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा, “ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कार, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास होता है। जब बच्चे अपने हाथों से माँ लक्ष्मी की आकृति बनाते हैं या स्वच्छ भारत का संदेश देते हैं, तो उनके भीतर सकारात्मकता का संचार होता है।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, सुसंस्कार शिक्षा निकेतन हमेशा शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपावली जैसे पर्वों को विद्यालय में आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, यह आवश्यक है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों को समझे और उसे सम्मान दे। इस कार्यक्रम में केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के अंत में, विजेता बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल ने बच्चों की प्रतिभा को सराहा और उनके द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की प्रशंसा की। विद्यालय में उपस्थित शिक्षकगण और अभिभावकों ने भी बच्चों की मेहनत की तारीफ की। यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए आनंद का स्रोत रहा, बल्कि समाज में एक अच्छा संदेश भी गया।
विद्यालय प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि दीपावली का यह उत्सव पूरी तरह से सुरक्षित और इको-फ्रेंडली हो। बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई गई। विद्यालय के बच्चों ने वादा किया कि वे इस बार प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाएंगे। इस प्रकार, सुसंस्कार शिक्षा निकेतन ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी परिचय दिया है।
अंततः, विद्यालय परिसर में जलते हुए दीपों की रोशनी और बच्चों की मुस्कान ने दीपावली के त्यौहार को वास्तव में मंगलमय और यादगार बना दिया। विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों की मेहनत और बच्चों का उत्साह इस कार्यक्रम की सफलता का मुख्य आधार रहा। भविष्य में भी विद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास करने के लिए तत्पर रहेगा।

