
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
काली पूजा को लेकर निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा का आयोजन शनिवार को बरौनी प्रखंड के हाजीपुर में किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखते ही बन रहा था। चार दिवसीय मां काली पूजा के उपलक्ष्य में यह भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। शोभा यात्रा में 2 हजार से अधिक कुमारी कन्याओं ने भाग लिया, जो अपने पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर चल रही थीं।
भव्य कलश शोभा यात्रा का आयोजन
इस शोभा यात्रा के दौरान बैंड-बाजा, घोड़े और भक्ति धुनों के साथ हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त मां काली के जयकारों के साथ पूरे मार्ग को भक्तिमय बना रहे थे। पूजा समिति के अध्यक्ष हरिनंदन कुमार, सचिव चंदन कुमार और कोषाध्यक्ष रणधीर कुमार ने बताया कि हाजीपुर में मां काली की पूजा की परंपरा 100 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। स्थानीय लोगों की अटूट आस्था है कि मां की कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
साल 2014 से इस स्थल पर ग्रामीणों के व्यापक सहयोग से विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस पूजा उत्सव में आसपास के कई गांवों के लोग एकजुट होकर शामिल होते हैं। इसमें पिपरा देवस, मालती, राजवाड़ा, ठकुरीचक, बीहट और गरहारा जैसे क्षेत्रों के भक्त बड़ी संख्या में शिरकत करते हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में रात्रि के समय विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है, जो स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं।
इस अवसर पर नगर परिषद बीहट की मुख्य पार्षद बबीता देवी, बीस सूत्री अध्यक्ष शंभू कुमार, पूर्व मुखिया नवल किशोर सिंह, अजय पासवान, जदयू के परमानंद सिंह, अशोक सिंह, फौजदार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे। कलश शोभा यात्रा के सफल आयोजन से पूरे इलाके में हर्ष का माहौल है। आयोजकों ने बताया कि मां काली की भक्ति से समाज में आपसी भाईचारा और प्रेम बढ़ता है।
पूजा समिति के सदस्यों ने कहा कि आने वाले दिनों में मां की आराधना के लिए और भी भव्य कार्यक्रम किए जाएंगे। भक्तों के लिए विशेष रूप से भोग और प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है। इस क्षेत्र में हर साल लोग इस पूजा की प्रतीक्षा करते हैं। आयोजकों का उद्देश्य परंपरा को जीवित रखना और आने वाली पीढ़ी को इससे जोड़ना है। भक्ति और आस्था का यह महापर्व सभी के जीवन में सुख-शांति लेकर आता है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के भी पर्याप्त प्रबंध किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आने वाले तीन दिनों तक भक्ति का यह प्रवाह क्षेत्र में निरंतर बना रहेगा।

