
घुसपैठ, धर्मांतरण और कानून-व्यवस्था पर चंपाई सोरेन ने हेमंत सरकार को घेरा
*भाजपा की प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर भी साधा निशाना, एसआईआर और झारखंड गठन का किया उल्लेख*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, चाईबासा
भाजपा की ओर से मंगलवार को चाईबासा कैफेटेरिया में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कांग्रेस और हेमंत सोरेन सरकार पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर आयोजित वार्ता में उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ, धर्मांतरण, आदिवासी जमीन और राज्य की कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाया।
चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में वोट चोरी के आरोपों के जरिए राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि योग्य मतदाताओं का नाम सूची में बना रहना चाहिए, लेकिन अवैध रूप से रह रहे लोगों को मतदाता सूची में जगह नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने संथाल परगना सहित राज्य के विभिन्न इलाकों में कथित बांग्लादेशी घुसपैठ और धर्मांतरण को गंभीर चिंता का विषय बताया। सीएनटी कानून से संरक्षित जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आदिवासी भूमि की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसदीय कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए नुकसानदेह बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में आदिवासियों की आकांक्षाओं को सम्मान मिला और अलग राज्य का सपना साकार हुआ।
हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने राज्य में अपराध, महिलाओं की सुरक्षा और नशाखोरी के बढ़ते प्रसार पर चिंता जताई। उनका आरोप था कि सरकार इन चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, जे.बी. तुबिद, जिला महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा, पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश पुरी, मनीष राम और हेमंत केशरी उपस्थित थे। संचालन जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा ने किया।

