

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर बरौनी छठ घाट व्यवस्था को लेकर नगर परिषद बरौनी ने कमर कस ली है। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र के चार प्रमुख घाटों पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। हमारे संवाददाता के अनुसार, इस बार प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां काफी पहले से शुरू कर दी गई हैं, ताकि ऐन वक्त पर कोई कमी न रह जाए।
चार प्रमुख घाटों पर होगी विशेष व्यवस्था
नगर परिषद ने जिन चार घाटों को चिन्हित किया है, उनमें इमली घाट, दुलरुआ धाम पोखर, अमर राधा बकतर स्थान पोखर और जगदम्बा पोखर शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन घाटों पर हर साल हजारों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में साफ-सफाई, सीढ़ी निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, टेंट-पंडाल, साउंड सिस्टम और चेंजिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इमली घाट और दुलरुआ धाम पर रोशनी का खास इंतजाम
जारी कोटेशन के मुताबिक इमली घाट पर 250 ट्यूबलाइट और दुलरुआ धाम पोखर पर 50 ट्यूबलाइट लगाई जाएंगी। दोनों घाटों पर बैरिकेडिंग, साउंड सिस्टम, प्रवेश द्वार, टेंट-पंडाल, सोडियम लाइट के साथ सहायता केंद्र के लिए अलग पंडाल बनेगा। इमली घाट पर सीढ़ी निर्माण के साथ घाट की सफाई और रोशनी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पिछले साल अंधेरे की वजह से दिक्कत हुई थी, इस बार रोशनी का इंतजाम देखकर राहत है।”
अमर राधा बकतर स्थान और जगदम्बा पोखर का सौंदर्यीकरण
अमर राधा बकतर स्थान पोखर पर घाटों की सफाई, सीढ़ी व स्थल निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, ट्यूबलाइट, सोडियम लाइट, एलईडी झालर, आकर्षक गेट, पंडाल, साउंड सिस्टम और चेंजिंग रूम की व्यवस्था होगी। यहां नगर परिषद का सहायता केंद्र भी बनेगा। वहीं, जगदम्बा पोखर पर घाट की सफाई, सीढ़ियों का निर्माण व रंगाई, ट्यूबलाइट, सोडियम लाइट, एलईडी झालर, बैरिकेडिंग, प्रवेश द्वार, पंडाल, साउंड सिस्टम व चेंजिंग रूम तैयार होंगे। नगर परिषद का उद्देश्य साफ है कि अर्घ्य के वक्त श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
कोटेशन की शर्तें और समयसीना तय
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत कोटेशन आमंत्रण सूचना संख्या 04, 05, 06 एवं 07 जारी की गई है। सभी कार्य 12 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरे करने का निर्देश है। इच्छुक फर्म 2 नवंबर से 6 नवंबर 2026 को दोपहर दो बजे तक कोटेशन जमा कर सकती हैं। 7 नवंबर को अपराह्न तीन बजे कोटेशन खोले जाएंगे। संवेदकों को 15 हजार रुपये अग्रधन राशि, निबंधन प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर और काली सूची में न होने का शपथपत्र देना अनिवार्य है। सामग्री लाने-ले जाने का खर्च भी संवेदक ही वहन करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा का रखा गया पूरा ख्याल
नगर परिषद की योजना में जनरेटर, डीजी सेट, कुर्सियां, टेबल समेत भीड़ नियंत्रण, आवागमन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल हैं। सुबह-शाम दोनों अर्घ्य के वक्त भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए बैरिकेडिंग और सहायता केंद्र अहम साबित होंगे। बिहार पर्यटन विभाग भी छठ पर्व की महत्ता को देखते हुए हर साल विशेष गाइडलाइन जारी करता है। अब देखना होगा कि तय समय में तैयारियां जमीन पर कितनी उतर पाती हैं।
स्थानीय वार्ड पार्षद का कहना है कि “इस बार हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। हर घाट पर वॉलिंटियर्स की टीम भी तैनात रहेगी।” उम्मीद है कि बरौनी छठ घाट व्यवस्था इस बार एक मिसाल बनेगी और छठ व्रती सुकून से आस्था की डुबकी लगा सकेंगे।

