


ऑल सोल्स डे पर कब्रिस्तानों में उमड़ी भीड़, फूल चढ़ाकर और मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत परिजनों को किया याद
बिशप तेलेस्फोर बिलुंग ने की प्रार्थना, मृत विश्वासियों की आत्मा की शांति के लिए मांगी प्रभु से कृपा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। ऑल सोल्स डे के अवसर पर सोमवार को शहर के विभिन्न कब्रिस्तानों में ईसाई समुदाय के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने अपने दिवंगत माता-पिता, परिजनों और पूर्वजों की कब्रों पर फूल चढ़ाए और मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान कब्रिस्तानों में श्रद्धा, आस्था और भावुकता का माहौल देखने को मिला।

सुबह से ही शहर के विभिन्न कब्रिस्तानों में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों ने कब्रों को फूलों से सजाया और मोमबत्तियां जलाकर अपने प्रियजनों को याद किया। कई लोग कब्रों के पास बैठकर पुरानी यादों में खो गए। माता-पिता के साथ बच्चे भी प्रार्थना में शामिल हुए। इससे नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला।
सुबह छह बजे गोलमुरी मुख्य गिरजाघर में आयोजित प्रार्थना सभा में बिशप तेलेस्फोर बिलुंग शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत विश्वासियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उन मृत लोगों को भी याद किया, जिनके परिजन कब्रिस्तान नहीं पहुंच पाए या जिनका इस दुनिया में अब कोई अपना नहीं है।
मृत विश्वासियों को याद करने का दिन
बेल्डीह कब्रिस्तान में बिशप तेलेस्फोर बिलुंग ने कहा कि ऑल सोल्स डे सभी मृत विश्वासियों को याद करने का दिन है। ईश्वर की योजना के अनुसार उन्होंने धरती पर अपना जीवन बिताया और फिर प्रभु ने उन्हें अपने पास बुला लिया। उन्होंने अपने जीवनकाल में परिवार और समाज को बहुत कुछ दिया। हमारा कर्तव्य है कि उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रभु से प्रार्थना करें। जाने-अनजाने में उनसे कोई गलती हुई हो तो ईश्वर उन्हें क्षमा करें। उन्होंने सभी दिवंगत आत्माओं के लिए प्रभु से कृपा और शांति की कामना की।

