लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बिहार के बेगूसराय जिले अंतर्गत वीरपुर प्रखंड की भवानंदपुर पंचायत स्थित पानापुर गांव में रविवार को आयोजित शिव गुरु परिचर्चा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस एकदिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन में बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर और फारबिसगंज समेत कई जिलों से हजारों की संख्या में शिव गुरु भाई-बहन एवं श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही गांव का माहौल भक्तिमय हो गया था और चारों ओर हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे थे।
शिव गुरु परिचर्चा में गुरु ज्ञान की अविरल धारा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुपौल के प्रसिद्ध प्रवक्ता रविंद्र राज ने गुरु ज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु ही मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। उनके ओजस्वी प्रवचन को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने आधुनिक जीवन में गुरु-शिष्य परंपरा की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि बिना गुरु कृपा के मोक्ष की प्राप्ति असंभव है।
भक्ति संगीत ने बांधा समां
परिचर्चा के दौरान प्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। नवगछिया के पिंकू कुमार, भागलपुर की अंशु माही और फारबिसगंज की रूप श्री सरगम ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। उनके गाए भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। भजन-कीर्तन का यह सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा, जिससे पूरा पानापुर गांव शिवमय हो उठा।
संचालन एवं अतिथियों का संबोधन
कार्यक्रम का सफल संचालन बरैपुरा निवासी गंगा भैया ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित संजय भैया, अनीता देवी, राजू कुमार, डॉ. राजेश कुमार, राधा दीदी, दिनेश पासवान और शिवकुमार सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने और युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया।
आयोजन समिति के संरक्षक एवं स्थानीय शिक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण स्तर पर सामाजिक समरसता और धार्मिक जागरण का कार्य करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी स्थानीय ग्रामीणों, स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन बड़े पैमाने पर किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
इस भव्य आयोजन ने न केवल बेगूसराय बल्कि पूरे उत्तर बिहार में आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया है। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर और संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य माना। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण परिवेश में आपसी भाईचारा और सद्भावना भी बढ़ती है। अधिक जानकारी के लिए आप बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

