लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बखरी प्रखंड के निर्माणाधीन कार्यालय भवन का एडीएम ने किया निरीक्षण गुरुवार को अनुमंडल परिसर के निकट किया गया। इस दौरान एडीएम (विभागीय जांच) महेश्वर प्रसाद सिंह ने निर्माण स्थल पर कार्य बंद पाया और आवश्यक सूचना पट नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
निर्माणाधीन कार्यालय भवन का एडीएम ने किया निरीक्षण: प्रमुख तथ्य
निरीक्षण के क्रम में एडीएम महेश्वर प्रसाद सिंह ने पाया कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। मौके पर मौजूद संवेदक के कर्मियों ने बताया कि दुर्गा पूजा की छुट्टी में मजदूर अपने-अपने घर चले गए थे, जो अब तक वापस नहीं लौटे हैं, जिसके कारण कार्य बाधित है।
सूचना बोर्ड न होने पर जताई सख्त नाराजगी
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी कमी यह मिली कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित सूचना पट नहीं लगा हुआ था। एडीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कर्मियों को तत्काल सूचना पट लगाने का निर्देश दिया। कर्मियों ने सफाई देते हुए कहा कि सूचना बोर्ड पूर्व में लगा हुआ था, जिसे राहगीरों द्वारा तोड़ दिया गया है। दूसरा बोर्ड बनकर तैयार है। इस पर एडीएम ने निर्देश दिया कि तैयार बोर्ड को लाकर अविलंब निर्माण स्थल पर लगाया जाए ताकि योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी आम लोगों को मिल सके।
16 करोड़ की लागत से बन रहा है भवन
बताते चलें कि बखरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नए भवन का निर्माण अनुमंडल परिसर के निकट कराया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 16 करोड़ रुपये है। इस भवन के बन जाने से प्रखंड और अंचल के कार्य एक ही छत के नीचे संचालित हो सकेंगे, जिससे आम जनता को सहूलियत होगी। फिलहाल कार्य बंद होने से निर्माण अवधि बढ़ने की आशंका है।
एडीएम ने संवेदक को चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों को जल्द से जल्द वापस बुलाकर कार्य प्रारंभ कराया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना बोर्ड लगाना पारदर्शिता के लिए अनिवार्य है, ताकि जनता को योजना की लागत, अवधि और कार्यकारी एजेंसी की जानकारी मिल सके।
इस संबंध में जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों को भी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने एडीएम के इस औचक निरीक्षण की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे निरीक्षण से निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहती है। अब देखना यह है कि संवेदक द्वारा मजदूरों को कब तक वापस बुलाया जाता है और कार्य कब से पुनः शुरू होता है।

