Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अंत्योदय एक अभियान ने 599 अज्ञात शवों का किया पिंडदान, एक हजार लोगों को कराया श्राद्ध भोज
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद धर्म रांची संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    अंत्योदय एक अभियान ने 599 अज्ञात शवों का किया पिंडदान, एक हजार लोगों को कराया श्राद्ध भोज

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 10, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    अंत्योदय एक अभियान
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर। पितृपक्ष की अमावस्या पर शनिवार को अंत्योदय एक अभियान की ओर से जुगसलाई स्थित पार्वती घाट में 599 अज्ञात एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के शवों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से श्राद्ध कर्म, पिंडदान और हवन किया गया। इस अवसर पर एक हजार लोगों के बीच श्राद्ध भोज कराया गया। साथ ही अभियान में सहयोग करने वाले पार्वती घाट के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।

    अंत्योदय एक अभियान की प्रेरणा और संकल्प

    पत्रकार एवं जुगसलाई नगर परिषद के पार्षद प्रवीण सेठी ने 2022 में गणेश चतुर्थी के दिन अंत्योदय एक अभियान की शुरुआत की थी। दिव्यांग दंपति के अंतिम संस्कार के बाद उन्होंने संकल्प लिया था कि लावारिस शवों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और विधि-विधान से कराएंगे। अभियान के तहत अब तक 466 अज्ञात और 133 आर्थिक रूप से कमजोर लोगों सहित कुल 599 शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है।

    आत्मा की शांति के लिए विशेष आयोजन

    प्रवीण सेठी ने बताया कि जिन लोगों का इस दुनिया में कोई अपना नहीं है, उनकी मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष की अमावस्या पर श्राद्ध कर्म और पिंडदान किया गया। अभियान से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप में शहर के व्यापारी, शिक्षाविद, पुलिस पदाधिकारी, डॉक्टर और मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं, जो अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करते हैं।

    उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि लावारिस शव मिलने या आर्थिक परेशानी के कारण अंतिम संस्कार में असमर्थ होने पर 9204886232 पर संपर्क करें। अभियान के तहत यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से भी सामाजिक कल्याण योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    पिंडदान पितृपक्ष प्रवीण सेठी समाज सेवा
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleदुर्गा पूजा को लेकर जमशेदपुर पुलिस अलर्ट, वाटर कैनन और टियर गैस का मॉक ड्रिल
    Next Article व्यवहार न्यायालय परिसर में टीन शेड निर्माण पर वरिष्ठ अधिवक्ता संजीत कुमार गुप्ता ने जताया आभार

    Related Posts

    हरेलाल के भाजपा में जाने से पार्टी नहीं, 25 साल की दोस्ती पर पड़ेगा फर्क : सुदेश

    October 11, 2026

    “हाँ, मन्या सुर्वे मेरे मामा का बेटा है!”

    October 11, 2026

    हिमाचली शिव मंदिर की स्थापत्य कला में सजा प्रवीण सिंह सेवा संस्थान का पंडाल

    October 11, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हरेलाल के भाजपा में जाने से पार्टी नहीं, 25 साल की दोस्ती पर पड़ेगा फर्क : सुदेश

    “हाँ, मन्या सुर्वे मेरे मामा का बेटा है!”

    हिमाचली शिव मंदिर की स्थापत्य कला में सजा प्रवीण सिंह सेवा संस्थान का पंडाल

    सस्ता डेटा या तेज उपग्रह नेटवर्क: भारत के लिए कौन है बेहतर?

    पत्रकारिता पर हमले के लिए सिर्फ सत्ता नहीं, समाज भी जिम्मेदार है

    54वें फुटबॉल महाकुंभ में जूनियर फाइटर चैंपियन, 1.20 लाख का पुरस्कार

    भवानी यूथ क्लब की भव्य कलश यात्रा, दुर्गापूजा महोत्सव शुरू

    बखरी में लंपी वायरस की दस्तक से पशुपालकों में चिंता,12 से शुरू होगा टीकाकरण

    सीने पर कलश रख चार साल से मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं शंकर यादव

    दुर्गा पूजा की तैयारियों का जायजा लेने बारो पहुंचे एसडीओ नीरज सिन्हा,

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.