बेगूसराय /03/10/2026 (शनिवार)/ बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन गोपगुट बेगूसराय जिला कार्यकारिणी ने 31/03/2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को सेवामुक्त करने के विभागीय आदेश पर गहरी चिंता जताई है | इस मसले पर शिक्षक संघ गोपगुट का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षक नेता मुकेश कुमार मिश्र नीतेश रंजन के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री सह बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह से मिलकर इस मसले पर पहल का अनुरोध किया है |
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया न्यायादेश के आलोक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक, शिक्षा विभाग (बिहार) द्वारा निर्गत पत्रांक-2853, दिनांक-01/10/2026 के माध्यम से 31/03/2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को सेवामुक्त करने का आदेश जारी किया गया है | विभाग के इस आदेश से बेगूसराय सहित संपूर्ण बिहार में पिछले 10 वर्षों से भी अधिक समय से निष्ठापूर्वक कार्य कर रहे लगभग 35 हजार शिक्षकों के जीवन और जीविका पर अचानक गहरा संकट मंडराने लगा है |
शिक्षक संघ गोपगुट के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्र ने कहा कि उक्त प्रसंगमें कार्यरत शिक्षकों की कोई गलती या लापरवाही नहीं रही है | विभाग की प्रशासनिक शिथिलता की वजह से वर्ष 2014 में प्रारंभ हुई बहाली प्रक्रिया में तत्कालीन शिक्षा विभाग द्वारा अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके कारण नियुक्ति पत्र 31 मार्च 2015 के बाद निर्गत हो सके| विभाग के प्रशासनिक विलंब का खामियाजा आज 10 वर्षों से समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दे रहे निर्दोष शिक्षकों को अपनी नौकरी गंवाकर भुगतना पड़ रहा है| विभागीय लापरवाही की सजा 35 हजार परिवारों को देना मानवता के विरुद्ध है |
शिक्षा विभाग द्वारा सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखने हेतु त्वरित पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) दायर हो और जब तक कानूनी विकल्प प्रक्रियाधीन हैं, तब तक शिक्षकों की सेवामुक्ति के इस आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगवाई जाए |
शिक्षक संगठन गोपगुट पीड़ित शिक्षकों के साथ है और सड़क से लेकर न्यायालय संघर्ष की तैयारी तेज करेगी |
ज्ञापन सौंपने के दौरान जौरेज आलम अभिषेक रंजन रौशन यादव आदि तमाम शिक्षक नेता उपस्थित थे |
