मरीजों के इलाज करनेवाले सीएचसी का हाल बेहाल।एक्स-रे बंद सीबीसी जांच भी ठप।मरीज इलाज-जांच के लिए भटक रहे। हेल्पर के सहारे स्वास्थ्य केन्द्र चलने का आरोप।14 वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मियों के तबादले की मांग।
(फोटो:छौड़ाही सीएचसी,शनिवार जांच कराने आयी मरीज और बंद पड़े एक्स-रे कक्ष में बैठा टेक्निशियन)
छौड़ाही(एक संवाददाता)।प्रखंड परिसर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र(सीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।अस्पताल में एक्स-रे मशीन हफ्तों से खराब पड़ी है,जबकि लैब में सीबीसी जांच भी नहीं हो रही है।शनिवार को अमारी गांव निवासी रेखा कुमारी अपनी पुत्री को इलाज और जांच के लिए लेकर अस्पताल पहुंचीं।उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों को इलाज और जांच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
रेखा कुमारी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था कई जगह हेल्पर के भरोसे चल रही है।उन्होंने कहा कि मरीजों को समुचित सुविधा नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है।उन्होंने जिला प्रशासन से स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था दुरुस्त कराने के साथ लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत डॉक्टरों एवं कर्मियों का स्थानांतरण करने की मांग की।अस्पताल में एक्स-रे सेवा बंद रहने के संबंध में एक्स-रे ऑपरेटर निशांत जैन ने बताया कि मशीन में कुछ तकनीकी खराबी है।इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।वहीं लैब कर्मी सुधीर कुमार ने बताया कि संवेदक बदल गया है।नया ठेका होने के बाद सीबीसी समेत अन्य जांच शुरू होने की बात कही।स्थानीय सीपीआई नेता प्रणव कुमार,ऐजनी मुखिया पंकज दास, सीपीएम नेता राम बहादुर महतो सुमन समेत अन्य लोगों का कहना है कि अस्पताल में जरूरी जांच सुविधाएं बाधित रहने से मरीजों को निजी जांच केन्द्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।इससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से नियमित जांच सुविधा बहाल कराने और अस्पताल की व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने की मांग की है।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कमलेश कुमार से मामले में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।वहीं सिविल सर्जन डॉ.अशोक कुमार ने दूरभाष पर बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से बात कर व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।


