अयोध्या में मुआवजे के मुद्दे से बढ़ी सियासी सरगर्मी, 2027 से पहले भाजपा-सपा आमने-सामने
राष्ट्र संवाद संवाददाता
अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के जनौरा-नाका क्षेत्र में ध्वस्तीकरण और मुआवजे का मामला अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर भाजपा की हार के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनौरा-नाका क्षेत्र में नजूल भूमि पर बने भवनों को खाली कराने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा था। न्यायालयी कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के बीच मुआवजे और पुनर्वास को लेकर चिंता सामने आई। इसके बाद भाजपा और सपा नेताओं की सक्रियता बढ़ गई।
अयोध्या सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्त और महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर चर्चा की। प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई और पात्र लोगों को मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है। भाजपा नेताओं ने प्रभावित परिवारों को तीन करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि दिलाने का दावा भी किया है।
वहीं, सपा ने भी मामले को प्रमुखता से उठाया है। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय प्रभावित लोगों को लेकर लखनऊ पहुंचे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। पार्टी स्तर से सहायता के तहत एक-एक लाख रुपये के चेक दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
2024 में फैजाबाद सीट से सपा के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को हराया था। इसके बाद अयोध्या से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर राजनीतिक सक्रियता लगातार चर्चा में रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अयोध्या सदर सीट पर भाजपा और सपा के स्थानीय नेताओं की सक्रियता भी बढ़ी है।
फिलहाल जनौरा-नाका प्रकरण प्रशासनिक कार्रवाई, प्रभावित परिवारों की मांग और राजनीतिक हस्तक्षेप—तीनों स्तरों पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में मुआवजे और राहत को लेकर प्रशासन की कार्रवाई इस मुद्दे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

