लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता, राजेश कुमार
खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र के कई सरकारी विद्यालय आज भी समुचित पहुंचपथ नहीं होने की सुविधा से वंचित हैं。
पहुंचपथ नहीं होने से बरसात में परेशानी
इन विद्यालयों तक पहुंचने के लिए बच्चों और शिक्षकों को खेतों की पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के दिनों में पगडंडियों पर जलजमाव और कीचड़ हो जाने से विद्यालय आने-जाने में काफी परेशानी होती है। छोटे-छोटे बच्चों के लिए ऐसे रास्तों से होकर विद्यालय पहुंचना जोखिम भरा बना रहता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय गाछी टोला, बरियारपुर पूर्वी पंचायत के उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मसुराज, सागी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय नुरुल्लाहपुर पूरब, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नारायणपुर, प्राथमिक विद्यालय खोदावंदपुर पश्चिम, प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोल खोदावंदपुर एवं प्राथमिक विद्यालय गौरबद्धा तथा प्राथमिक विद्यालय पासवान टोल खोदावंदपुर तक अब तक समुचित पहुंचपथ का निर्माण नहीं हो सका है।
इन विद्यालयों तक पहुंचने के लिए खेतों के बीच बनी पगडंडी ही मुख्य रास्ता है। ग्रामीणों के अनुसार पगडंडी के किनारे कई जगह बांस-बल्ला लगा रहने से रास्ता और भी संकरा हो जाता है, इससे बच्चों को पैदल आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं साइकिल और बाइक को विद्यालय तक ले जाना भी मुश्किल है। इसका असर शिक्षकों के आवागमन पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालयों तक पहुंचपथ निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराए जाने के बावजूद समस्या बनी हुई है। अभिभावकों ने प्रशासन एवं पंचायत प्रतिनिधियों से इन विद्यालयों तक जल्द से जल्द सुगम पहुंचपथ का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों और शिक्षकों को विद्यालय आने-जाने में होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।
संबंधित जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

