लेखक: राजेश कुमार
हिंदी दिवस पर साहित्य, कला, संस्कृति व पत्रकारिता के नौ व्यक्तित्व सम्मानित किए जाने का समाचार बेगूसराय जिले से आया है। यह आयोजन जिला साहित्य अकादमी द्वारा कर्मयोगी सभागार में किया गया।
हिंदी दिवस पर साहित्य, कला, संस्कृति व पत्रकारिता के नौ व्यक्तित्व सम्मानित
जिला साहित्य अकादमी, बेगूसराय के सौजन्य से हिंदी दिवस के अवसर पर कर्मयोगी सभागार में हिंदी दिवस सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर साहित्य, कला, संस्कृति और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी लेखनी, प्रतिभा एवं निष्ठापूर्ण कर्तव्य के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के नौ व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया. साहित्य सृजन के क्षेत्र में छह साहित्यकारों को सम्मानित किया गया. इनमें डॉ. भगवान प्रसाद सिन्हा, प्रो. राम कृष्ण, विद्यासागर ब्रह्मचारी, मुकेश कुमार, डॉ. प्रभा कुमारी और सुनीता कुमारी शामिल हैं. इनमें डॉ. भगवान प्रसाद सिन्हा एवं प्रो. राम कृष्ण खोदावंदपुर प्रखंड के निवासी हैं. दोनों के सम्मानित होने से क्षेत्र के साहित्य-प्रेमियों एवं बुद्धिजीवियों में हर्ष व्याप्त है.
वहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अशोक कुमार एवं विजय कुमार झा को सम्मानित किया गया. कला के क्षेत्र में रंगकर्मी मेनका मल्लिक को सम्मान प्रदान किया गया. सम्मान समारोह के दौरान अतिथियों ने सभी सम्मानित व्यक्तित्वों के साहित्य, कला और पत्रकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. समारोह की अध्यक्षता डॉ. सीताराम सिंह ‘प्रभंजन’ ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन डॉ. सच्चिदानंद पाठक ने किया. तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राम रेखा ने किया. मंचस्थ अतिथियों में राजेंद्र राजन, डॉ. चंद्रभानु प्रसाद सिंह, सचिव अग्निशेखर, प्रो. राम नरेश पंडित ‘रमण’, नरेंद्र कुमार सिंह एवं डॉ. सपना चौधरी उपस्थित रहे. अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ी.
हिंदी दिवस का महत्व और इस आयोजन की प्रासंगिकता
हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है, जिस दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। इस दिन का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उसके संवर्धन के लिए जागरूकता फैलाना है। बेगूसराय जैसे साहित्यिक उर्वर भूमि पर इस तरह के आयोजन हिंदी भाषा के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं। जिला साहित्य अकादमी लंबे समय से हिंदी भाषा और साहित्य के विकास के लिए कार्यरत है। इस सम्मान समारोह ने न केवल साहित्यकारों बल्कि पत्रकारों और कलाकारों को भी मान्यता दी, जो समाज में हिंदी के प्रचार में योगदान दे रहे हैं। भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर हिंदी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।
खोदावंदपुर प्रखंड के दो साहित्यकारों डॉ. भगवान प्रसाद सिन्हा और प्रो. राम कृष्ण को सम्मान मिलना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। इन दोनों ने लंबे समय तक हिंदी साहित्य की सेवा की है। डॉ. सिन्हा की रचनाएं ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत करती हैं, जबकि प्रो. राम कृष्ण के आलोचनात्मक लेखन ने हिंदी आलोचना को नई दिशा दी है। विद्यासागर ब्रह्मचारी, मुकेश कुमार, डॉ. प्रभा कुमारी और सुनीता कुमारी ने भी अपनी-अपनी विधाओं में उल्लेखनीय कार्य किया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में अशोक कुमार और विजय कुमार झा ने ग्रामीण पत्रकारिता को मजबूती प्रदान की है। रंगकर्मी मेनका मल्लिक ने लोककला और रंगमंच के माध्यम से हिंदी संस्कृति को जीवंत रखा है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. सीताराम सिंह ‘प्रभंजन’ ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा के वर्तमान परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी से इसे अपनाने का आह्वान किया। मंच संचालक डॉ. सच्चिदानंद पाठक ने कार्यक्रम को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाए रखा। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. राम रेखा ने सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में राजेंद्र राजन, डॉ. चंद्रभानु प्रसाद सिंह, अग्निशेखर, प्रो. राम नरेश पंडित ‘रमण’, नरेंद्र कुमार सिंह और डॉ. सपना चौधरी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

