पंचतत्व में विलीन हुए श्याम सुंदर प्रसाद सिंह, ब्रह्मर्षि विकास मंच ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं ब्रह्मर्षि विकास मंच, जमशेदपुर के संस्थापक सदस्य श्याम सुंदर प्रसाद सिंह का सोमवार देर रात कोलकाता में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही ब्रह्मर्षि विकास मंच एवं समाज से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
श्याम सुंदर प्रसाद सिंह का पिछले कुछ समय से कोलकाता में इलाज चल रहा था। निधन की सूचना मिलते ही देर रात से ही समाज से जुड़े लोगों का उनके निवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया।
निधन के बाद उनके दोनों पुत्र राकेश और मुकेश पार्थिव शरीर को लेकर कोलकाता से जमशेदपुर पहुंचे। उनके निवास स्थान से अंतिम यात्रा गमगीन माहौल में निकली। अंतिम यात्रा में ब्रह्मर्षि समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
ब्रह्मर्षि विकास मंच के अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सहित मंच के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा श्याम सुंदर प्रसाद सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरे जिले से ब्रह्मर्षि समाज के लोग पहुंचे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
समाज के लोगों ने कहा कि श्याम सुंदर प्रसाद सिंह का निधन ब्रह्मर्षि समाज के साथ-साथ सामाजिक एवं ट्रांसपोर्ट जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके सामाजिक योगदान और संगठन के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार के साथ श्याम सुंदर प्रसाद सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। मंच के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।चाहें तो मैं इसमें शोक संवेदना व्यक्त करने वाले प्रमुख लोगों के नाम और उनके बयान भी जोड़कर इसे और प्रभावशाली समाचार बना सकता हूं।
ब्रह्मर्षि विकास मंच के आधार स्तंभ श्याम सुंदर बाबू को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
जमशेदपुर। ब्रह्मर्षि विकास मंच के महासचिव जय कुमार ने मंच के आधार स्तंभ एवं समाजसेवी श्याम सुंदर बाबू के देवलोकगमन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जय कुमार ने कहा कि श्याम सुंदर बाबू कर्मठ, सहज-सुलभ, अनुशासित और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनके व्यवहार में सहजता, कर्मनिष्ठा और मन में समानता का भाव था। वे किसी पद से नहीं, बल्कि अपने आचरण, आत्मीयता और समाजसेवा से लोगों के बीच विशिष्ट पहचान रखते थे।
उन्होंने कहा कि उनका निधन केवल एक व्यक्ति का अवसान नहीं, बल्कि समाज की संस्कार और सेवा परंपरा की एक उज्ज्वल कड़ी का विलग होना है। उनके संस्कार, सीख और स्नेह सदैव समाज को प्रेरित करते रहेंगे।
जय कुमार ने श्रद्धेय श्याम सुंदर बाबू को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। ॐ शांति।

