खोदावंदपुर,बेगूसराय। प्रखंड रोगी कल्याण समिति की बैठक मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खोदावंदपुर में हुई।
रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्रमुख निर्णय
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा ने की। बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं, रोगियों की सुविधाओं तथा निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी।
समिति के सचिव सह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल प्रसाद ने सदस्यों को बैठक के एजेंडे एवं अस्पताल से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
अस्पताल के कोष में जमा करीब ढाई लाख रुपये की राशि से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन की रंगाई-पुताई कराने का प्रस्ताव बैठक में पारित किया गया। इसके अलावा अस्पताल में आने वाले रोगियों की आवश्यकताओं को देखते हुए जरूरी सामानों की खरीदारी करने की भी स्वीकृति दी गयी।
निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन जांच घर एवं कार्यालय भवन के निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी तकनीकी विशेषज्ञों एवं वरीय अधिकारियों से जांच कराने की मांग की। सदस्यों का कहना था कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिये।
बैठक में मौजूद प्रमुख सदस्य
बैठक में बिहार सरकार के पूर्व गन्ना राज्यमंत्री अशोक कुमार, सदस्य ललित पासवान, मनोज सहनी, रंजीत पासवान, बीएचएम सत्यदर्शी कुमार, लेखापाल अशोक राम, बीसीएम वकील मोची, एएनएम प्रमिला कुमारी सहित रोगी कल्याण समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।
रोगी कल्याण समिति की भूमिका और महत्व
रोगी कल्याण समिति अस्पताल प्रबंधन में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गठित एक महत्वपूर्ण संस्था है। यह समिति अस्पताल के विकास, रखरखाव और रोगी सुविधाओं के विस्तार हेतु नीतिगत निर्णय लेती है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण में इन समितियों की अहम भूमिका रही है। खोदावंदपुर प्रखंड की यह समिति लंबे समय से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है।
अस्पताल भवन के रखरखाव हेतु कोष का उपयोग
बैठक में पारित ढाई लाख रुपये का प्रस्ताव अस्पताल भवन के बाहरी और आंतरिक हिस्सों की रंगाई-पुताई के लिए स्वीकृत किया गया है। यह राशि अस्पताल के अपने कोष से जमा की गई थी, जो दर्शाता है कि समिति वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होकर कार्य कर रही है। भवन की मरम्मत और सौंदर्यीकरण से न केवल अस्पताल की भौतिक संरचना सुरक्षित रहेगी, बल्कि रोगियों और कर्मचारियों को भी स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की मांग
निर्माणाधीन जांच घर और कार्यालय भवन की गुणवत्ता पर सदस्यों द्वारा उठाए गए सवाल बेहद गंभीर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में अक्सर अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं। समिति के सदस्यों ने तकनीकी विशेषज्ञों एवं वरीय अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग करके एक जिम्मेदार पहल की है। यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बिहार सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
भविष्य की योजनाएं और अपेक्षाएं
रोगी कल्याण समिति की इस बैठक से स्थानीय जनता को उम्मीद जगी है कि अस्पताल की सुविधाओं में सुधार होगा। रंगाई-पुताई के अलावा जरूरी सामानों की खरीदारी से आपातकालीन सेवाएं बेहतर होंगी। वहीं, निर्माण कार्यों की जांच से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। समिति के सदस्यों ने आश्वासन दिया है कि वे अस्पताल के विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
- अस्पताल भवन की रंगाई-पुताई जल्द शुरू होगी।
- रोगियों की सुविधा हेतु आवश्यक उपकरण एवं दवाएं खरीदी जाएंगी।
- निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच हेतु वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
- समिति की अगली बैठक में प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
खोदावंदपुर प्रखंड के निवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक आदर्श अस्पताल के रूप में उभरेगा।

