लेखक: राजेश कुमार
बरियारपुर पश्चिमी पंचायत में आंगनबाड़ी सेविका मंजुलता राय पर अपनी पुत्री तन्नू कुमारी के नाम पर जीविका कम्युनिटी मोबिलाइजर (सीएम) का कार्य करने का आरोप लगा है। खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र की बरियारपुर पश्चिमी पंचायत में आंगनबाड़ी एवं जीविका से जुड़े कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाये हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 92 की सेविका मंजुलता राय अपनी पुत्री तन्नू कुमारी के नाम पर जीविका कम्युनिटी मोबिलाइजर (सीएम) का कार्य भी कर रही है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
बरियारपुर पश्चिमी पंचायत में दोहरी जिम्मेदारी के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, तन्नू कुमारी वर्ष 2022 से विकास जीविका महिला ग्राम संगठन, बरियारपुर पश्चिमी में जीविका सीएम के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि तन्नू कुमारी के नाम पर नियुक्ति होने के बावजूद संबंधित कार्य उनकी मां मंजुलता राय द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मंजुलता राय स्वयं पूर्व में जीविका सीएम के रूप में कार्य कर चुकी है और बाद में आंगनबाड़ी सेविका के पद पर चयनित हो गयी। वर्ष 2022 से उनकी पुत्री के नाम पर जीविका सीएम का पद होने के बावजूद मां द्वारा ही संबंधित जिम्मेदारियों का निर्वहन किये जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि तन्नू कुमारी जीविका सीएम के पद पर नियुक्त हैं तो उनके स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति नियमित रूप से कार्य कैसे कर सकता है। वहीं आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत मंजुलता राय द्वारा जीविका का कार्य किए जाने के आरोपों की भी जांच की मांग की गयी है। लोगों का कहना है कि एक ही व्यक्ति द्वारा दो अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां संभालने के आरोप गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं जीविका के प्रखंड स्तर के अधिकारियों से शिकायत की गयी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और वे संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ICDS आधिकारिक वेबसाइट पर दिशानिर्देश देखे जा सकते हैं।
सहायिका पर भी जीविका सीएम के रूप में कार्य करने का आरोप
बरियारपुर पश्चिमी पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 93 की सहायिका विभा कुमारी को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विभा कुमारी आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत रहते हुए वर्ष 2015 से अंशु जीविका महिला ग्राम संगठन, बरियारपुर पश्चिमी में जीविका सीएम के रूप में भी कार्य कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र पर सहायिका की जिम्मेदारी निभाने के बजाय उनके स्थान पर किसी अन्य महिला से कार्य कराया जाता रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि कोई कर्मी दो अलग-अलग संस्थाओं या विभागों से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है तो उसकी नियुक्ति, कार्य अवधि, उपस्थिति एवं मानदेय भुगतान की स्थिति की जांच की जानी चाहिये।
पूर्व निरीक्षण में भी उठा था मामला, भुगतान पर रोक की चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार, तत्कालीन सीडीपीओ डॉ. दर्शना कुमारी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 93 का औचक निरीक्षण किए जाने के दौरान संबंधित मामला सामने आया था। ग्रामीणों का दावा है कि निरीक्षण के बाद सहायिका विभा कुमारी के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी गयी थी। क्षेत्र में करीब 29 माह का मानदेय बकाया रहने की भी चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक विभा कुमारी ने न तो आंगनबाड़ी सहायिका के पद से त्याग-पत्र दिया है और न ही जीविका सीएम के पद से अलग होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नियुक्ति की शर्तों एवं विभागीय नियमों के अनुरूप दोनों जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों ने की संयुक्त जांच की मांग
ग्रामीणों ने समाज कल्याण विभाग, आईसीडीएस एवं जीविका के वरीय अधिकारियों से पूरे मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोनों मामलों में संबंधित कर्मियों की नियुक्ति, उपस्थिति पंजी, कार्य निष्पादन, मानदेय भुगतान एवं विभागीय नियमों की जांच कर स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिये। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद अब तक स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से संदेह की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिये और यदि आरोप निराधार हैं तो विभाग को भी सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिये।
अधिकारियों का पक्ष
इस संबंध में खोदावंदपुर की प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी माला कुमारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 93 से जुड़े मामला पूर्व में उनके संज्ञान में नहीं था और इसकी जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच-पड़ताल करायी जायेगी और जांच में यदि संबंधित सेविका दोषी पायी जाती है तो उनके विरुद्ध विभागीय नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी। वहीं सीडीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 92 से जुड़े मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित सहायिका की अनुपस्थिति का विवरण मांगा गया है और उनसे स्पष्टीकरण भी पूछा गया है। उन्होंने बताया कि मामले में दो और बार स्पष्टीकरण मांगा जायेगा। यदि इसके बावजूद संबंधित सहायिका द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो उन्हें चयनमुक्त करने की अनुशंसा की जायेगी।
जांच के बाद की जायेगी आगे की कार्रवाई: जीविका बीपीएम इस संबंध में जीविका के खोदावंदपुर प्रखंड परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार कर्ण ने बताया कि बरियारपुर पश्चिमी पंचायत की जीविका सीएम विभा कुमारी एवं तन्नू कुमारी से संबंधित मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि तन्नू कुमारी के नाम पर उनकी मां मंजुलता राय द्वारा कार्य किए जाने तथा दोनों सीएम से जुड़े अन्य आरोपों की भी जांच-पड़ताल करायी जायेगी। बीपीएम ने बताया कि मामले की जांच के बाद प्राप्त तथ्यों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी।
बेटी तन्नू कुमारी के नाम पर जीविका सीएम का कार्य करती सेविका मंजुलता राय

