गंगा का जलस्तर में कमी आई लेकिन बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बरकरार है।
बाढ़ पीड़ितों की परेशानी: घटते जलस्तर के बावजूद चुनौतियां बरकरार
पीड़ितों को भोजन के साथ बच्चों के दूध और स्वच्छ पानी की जरूरत
बेगूसराय राष्ट्र संवाद ब्यूरो
तेघड़ा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में गंगा का जलस्तर पिछले चार दिनों से घट रहा है। जमींदारी बांध एवं गुप्ता बांध से पानी करीब दो फीट नीचे आ गया है। लेकिन बाढ़ पीड़ितों की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। निपनियां मधुरापुर, बरौनी-2 मधुरापुर, बीचला टोला, आधारपुर के बिनलपुर-अजगर बर वार्ड संख्या 7 और रात गांव पंचायत के भगवानपुर चक्की वार्ड 13 व 14 में अभी भी पानी है। कई परिवार बांध, पुल और बगीचे में बच्चों व मवेशियों के साथ रह रहे हें।
सामुदायिक किचन और राहत व्यवस्था
ओझा टोला से विसौआ रेनबो विद्यालय तक 10 सामुदायिक किचन चल रहे हैं। यहां दो वक्त भोजन दिया जा रहा है। कई जगह सत्तू के साथ बच्चों को दूध-बिस्किट भी मिल रहे हैं। विसौआ रेनबो विद्यालय के किचन में टैंकर से पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

सामुदायिक किचन ठाकुरबाड़ी के पास शरण लिए बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि सामुदायिक किचन में बच्चों के लिए चार दिन पहले दूध मिला था। इसके बाद दूध नहीं दिया गया। सुबह सत्तू और बच्चों को बिस्किट मिल रहे हैं। यहां स्वच्छ पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। चापाकल के पानी से लोग काम चला रहे हैं। पीड़ितों ने नियमित दूध और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिवहन और पशुचारे का संकट
भगवानपुर चक्की में करीब छह नाव चल रही हैं। कुछ किसान जुगाड़ नाव बनाकर भी आवागमन कर रहे हैं। पशुओं के लिए एक सप्ताह पहले पांच-पांच किलो भूसा मिला था, इसके बाद चारा नहीं मिला। जिससे पशुपालक को की समस्या बढ़ गई है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता का संकट
बाढ़ पीड़ितों में बुखार, खांसी और पकुआ की शिकायत भी मिल रही है। सभी सामुदायिक कैंपों में मेडिकल टीम प्राथमिक इलाज कर रही है। जमींदारी बांध, गाछी और ठाकुरबाड़ी के निचले नमी वाले इलाकों में मच्छर, गंदगी और कीड़े-मकोड़ों के साथ सांप का डर भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने ब्लीचिंग पाउडर और मच्छररोधी दवा के छिड़काव की मांग की है।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर असर
भगवानपुर चक्की में पानी बढ़ने के कारण बंद की गई बिजली आपूर्ति अब जलस्तर घटने के बाद बहाल कर दी गई है। वही बाढ़ क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगवानपुर चक्की सहित क्षेत्र के 10 विद्यालयों में अभी भी पानी रहने से पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित है। विद्यालय के सभी सामग्री को सुरक्षित रखने की जवाब दे ही संबंधित प्रधानाध्यापकों को दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ितों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

