लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय जिले के बखरी अनुमंडल में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला जहां द्वितीय श्री रानी सती दादी भादो महोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ। मारवाड़ी समाज की आराध्य देवी रानी सती दादी के प्रति श्रद्धा का यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बना। इस दो दिवसीय महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
रानी सती दादी, जिन्हें नारायणी देवी के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान के झुंझुनूं स्थित अपने मुख्य मंदिर के साथ-साथ पूरे भारत में मारवाड़ी समुदाय की कुलदेवी के रूप में पूजी जाती हैं। भादो माह में आयोजित होने वाला यह वार्षिक महोत्सव उनके त्याग, तपस्या और सतीत्व की गाथा को जीवंत करता है। रानी सती दादी के भक्त मानते हैं कि उनकी कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
मारवाड़ी सम्मेलन बखरी शाखा के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय श्री रानी सती दादी भादो महोत्सव शुक्रवार को भक्तिमय माहौल में संपन्न हो गया। दो दिनों तक चले आयोजन में अखंड ज्योत, पूजा-अर्चना, मंगल पाठ और भजन संध्या हुई।
बीती रात दादी के भव्य दरबार में भजन संध्या में देर रात तक भक्ति की रसधारा बहती रही। कार्यक्रम स्थल दादी के जयकारों और भजनों से गुंजायमान रहा। सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने दरबार में हाजिरी लगाई।
श्री रानी सती दादी भादो महोत्सव की भव्यता और भजन संध्या
कोलकाता की प्रसिद्ध भजन गायिका श्वेता अग्रवाल ने करीब तीन घंटे तक मधुर आवाज में दादी रानी सती, खाटू श्याम और बजरंगबली के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पटना के गायक शुभम शर्मा ने भी अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को बांधे रखा।
इस दौरान अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित रही। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित नारियल, प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंगल पाठ में सौ से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। समापन पर महाप्रसाद का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने की। सफल आयोजन में संयोजक अशोक तुलस्यान, अरुण टिबरेवाल, राजेश टमकोरिया, सुशील लोहारिवाल, कैलाश शर्मा, प्रकाश टिबरेवाल, दीपक सुल्तानिया, रणधीर तुलस्यान, अमित सिंघानिया, संजीव बजाज, कुंजबिहारी अग्रवाल, सन्नी नेमानी, डॉ. मनोज वर्मा, रौनक पालड़ीवाल, आशुतोष केडिया, अलका अग्रवाल, माया जयपुरिया, आशा बजाज सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
इस भव्य आयोजन ने बखरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई दी है। मारवाड़ी सम्मेलन की बखरी शाखा द्वारा किए गए इस सफल आयोजन की चर्चा पूरे बेगूसराय जिले में हो रही है। भक्तों का मानना है कि दादी की कृपा से यह महोत्सव आने वाले वर्षों में और भी विशाल रूप लेगा। अखंड ज्योत की ज्योति जिस तरह दो दिनों तक अविरल जलती रही, वह भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण है। महाप्रसाद के माध्यम से सैकड़ों लोगों ने दादी का आशीर्वाद ग्रहण किया।

