लेखक: इंद्र यादव
ठाणे शहर पुलिस की अनैतिक मानव तस्करी शाखा ने वागले एस्टेट थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए गरीब युवतियों को कथित तौर पर देह व्यापार में धकेलने वाली एक महिला एजेंट को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि मुलुंड चेकनाका के पास एसजी बर्वे रोड, एमआईडीसी कॉम्प्लेक्स और गोपाल आश्रम होटल के आसपास एक महिला एजेंट मुंबई के ऑर्केस्ट्रा/डांस बारों से जुड़ी युवतियों को ग्राहकों तक पहुंचाने वाली है। इसके बाद पुलिस ने बोगस ग्राहक और पंचों की मदद से जाल बिछाकर महिला को पकड़ा।
महिला एजेंट का नेटवर्क और कार्यप्रणाली
जांच के अनुसार, आरोपी महिला दहीसर, बोरीवली और मीरा-भाईंदर के डांस बारों में काम करने वाली युवतियों के फोटो कथित ग्राहकों को भेजती थी और सौदा तय होने के बाद उन्हें वहां भेजती थी। पुलिस को आशंका है कि आरोपी पिछले कई महीनों से इस गतिविधि में शामिल थी।
रेस्क्यू की गई दोनों युवतियों को सुरक्षित महिला संरक्षण गृह भेजने की प्रक्रिया की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितनी अन्य युवतियों को इस तरह ग्राहकों तक पहुंचाया गया।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और PITA एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों और क्राइम एसीपी मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में सीनियर पीआई अंजली आंधळे एवं उनकी टीम ने की।
मानव तस्करी की चुनौतियां और पुलिस की भूमिका
भारत में मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है जिसमें महिलाओं और बच्चों को जबरन श्रम, देह व्यापार और अन्य शोषणकारी गतिविधियों में धकेला जाता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में मानव तस्करी के हजारों मामले दर्ज किए गए थे। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में यह समस्या अधिक जटिल है।
पुलिस की अनैतिक मानव तस्करी शाखा विशेष रूप से ऐसे मामलों की जांच और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए गठित की गई है। ये शाखाएं खुफिया जानकारी, बोगस ग्राहक ऑपरेशन और गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से पीड़ितों को मुक्त कराती हैं। हाल के वर्षों में ऐसी कई सफल कार्रवाइयां देखने को मिली हैं।
समाज को भी इस बुराई के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। यदि किसी को ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्डलाइन 1098 या स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए। पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा संचालित महिला संरक्षण गृह और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मानव तस्करी रोकथाम के लिए बने कानूनों की जानकारी के लिए गृह मंत्रालय की वेबसाइट देखें।

