टंडवा में भूमि अधिग्रहण के उचित मुआवजे व रोजगार की मांग पर विधायक से मिले
मुआवजा व रोजगार पर महादेव कुमार गंभीर, राज्यपाल के बाद विधायक को सौपे मांग पत्र
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: टंडवा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित रैयतों के उचित मुआवजे, भूमि के बदले भूमि तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कोयद पंचायत निवासी महादेव कुमार ने सिमरिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक उज्ज्वल कुमार दास से पहल करने की मांग की है। महादेव कुमार द्वारा विधायक को दिए आवेदन में कहा है कि टंडवा क्षेत्र में सीसीएल कंपनी द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रभावित रैयतों को वर्तमान में करीब 9.20 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की बात सामने आती है। उनके अनुसार यह दर वर्ष 1952 की पुरानी व्यवस्था पर आधारित बताई जाती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 में निर्धारित मुआवजा दर को वर्ष 2026 में उसी रूप में लागू करना वर्तमान भूमि मूल्य, महंगाई और मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने विधायक से इस मामले को विधानसभा में उठाकर पुरानी व्यवस्था एवं संबंधित प्रावधानों की समीक्षा तथा आवश्यक संशोधन की पहल करने का आग्रह किया है। आवेदन में प्रमुख रूप से कम से कम एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा निर्धारित करने की मांग की गई है। साथ ही, यदि पुरानी दर लागू करने वाला सेक्शन-9 अथवा कोई संबंधित प्रावधान बाधक है तो उसकी समीक्षा, संशोधन अथवा आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार के समक्ष मामला रखने की मांग की गई है। महादेव कुमार ने यह भी मांग की है कि उचित मुआवजा संभव नहीं होने की स्थिति में अधिग्रहित भूमि के बदले समान क्षेत्रफल की उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण से प्रभावित रैयतों और स्थानीय युवाओं को सीसीएल कंपनी में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जीएम एवं संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर पहल करने का आग्रह किया गया है। महादेव कुमार ने बताया यह केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि टंडवा क्षेत्र के अनेक रैयतों और स्थानीय युवाओं के भूमि, मुआवजा, आजीविका और रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण जनहित का विषय है। उन्होंने विधायक से विधानसभा में मामला उठाने के साथ-साथ सीसीएल के स्थानीय अधिकारियों से वार्ता कर प्रभावित लोगों के हित में ठोस पहल करने की अपील की है। महादेव कुमार पूर्व में महामहिम राज्यपाल से मिलकर मामले में लिखित अवगत कराए हैं। महादेव कुमार जमीन ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर भी हैं।

