युवा कांग्रेस ने संघ मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, मनुस्मृति के पन्ने जलाए
नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं ने यहां झंडेवालान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने भाजपा और संघ की विचारधारा को ‘भेदभावपूर्ण और जातिवादी’ बताया तथा इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति के पन्ने भी जलाए।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन की अगुवाई की। उनके हाथ में संविधान की एक प्रति थी और उन्होंने युवा कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मनुस्मृति के खिलाफ नारे लगाए।
तस्वीरों में प्रदर्शनकारियों को संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां, मनुस्मृति का विरोध करने वाले पोस्टर और इस प्राचीन ग्रंथ की प्रतियां लिये हुए देखा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों को मनुस्मृति के पन्ने जलाते हुए देखा गया, जबकि आधी जली हुई प्रतियां और ‘मनुस्मृति को नकारो’ लिखे पोस्टर जमीन पर पड़े थे।
चिब ने आरोप लगाया कि देश में संविधान की विचारधारा और भाजपा-संघ की विचारधारा के बीच लड़ाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा-संघ की विचारधारा मनुस्मृति से प्रेरित है और ‘‘दलित-विरोधी’’ है।
चिब ने कहा, ‘‘यह देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।’’
उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना दलितों और संविधान का अपमान है।
भारतीय युवा कांग्रेस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चिब को हिरासत में ले लिया और पहाड़गंज पुलिस स्टेशन ले गई।
इस मौके पर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरि कृष्ण और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
युवा कांग्रेस के दावों पर आरएसएस की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया।

