मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सभी संस्थाएं मिलकर करें प्रयास : फाउंडेशन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डेवलपमेंट फाउंडेशन (झारखंड यूनिट) की ओर से बिष्टुपुर स्थित निर्मल गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों से सामूहिक प्रयास करने की अपील की गई। संस्था के राज्य सचिव एलन लकड़ा, राज्य अध्यक्ष गुलजार सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने मानवाधिकारों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की।
फाउंडेशन ने कहा कि मानवाधिकार किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान से जुड़े हैं। भारतीय संविधान और मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के तहत हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन, समान अवसर और न्याय पाने का अधिकार है।
संस्था ने पुलिस, न्यायपालिका और प्रशासन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए। अवैध गिरफ्तारी, यातना और मानवाधिकार उल्लंघन जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के साथ गिरफ्तार व्यक्तियों को उनके अधिकारों की जानकारी देना जरूरी है। महिलाओं और बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
फाउंडेशन ने श्रमिकों, महिलाओं, बच्चों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए श्रमिकों को उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएं देने की बात कही। महिलाओं की सुरक्षा, समान वेतन, बाल श्रम और मानव तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता भी जताई गई।
संस्था के प्रमोद तिवारी ने कहा कि कॉर्पोरेट क्षेत्र से सीएसआर फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रमों में करने की अपील की। पदाधिकारियों ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा सामूहिक राष्ट्रीय दायित्व है और इसके लिए सरकार, प्रशासन, पुलिस, न्यायपालिका, निजी संस्थानों तथा आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा।

