जमशेदपुर में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, खरकाई और स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से ऊपर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। शहर की दोनों प्रमुख नदियां खरकाई और स्वर्णरेखा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे बसे निचले इलाकों में दहशत का माहौल है।
प्रशासन द्वारा नदी तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में लगातार माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित बस्तियों को खाली भी कराया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ओडिशा के बड़बिल डैम के चार फाटक खोले गए हैं, जबकि सरायकेला-खरसावां स्थित चांडिल डैम के 13 फाटक आधा मीटर तक खोल दिए गए हैं। डैमों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका और बढ़ गई है।
कोल्हान क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। नदी किनारे स्थित कई बस्तियों में पानी प्रवेश कर चुका है और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
जिले के उपायुक्त ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी), मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद समेत तीनों नगर निकायों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी को देखते हुए अगले कुछ घंटे प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।

