लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Assembly of Human Rights & Justice (AHRJ) ने सामाजिक कार्यकर्ता गुलजार सिंह को कोल्हान (झारखंड) का रीजनल सेक्रेटरी (क्षेत्रीय सचिव) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर मानवाधिकारों की रक्षा को नई गति प्रदान करेगी।
नियुक्ति का विवरण और संगठन की अपेक्षाएं
यह नियुक्ति संगठन के रीजनल उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी की अनुशंसा पर बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद संगठन के अध्यक्ष भीष्म सिंह द्वारा 29 जुलाई 2026 को जारी नियुक्ति-पत्र के माध्यम से की गई है।
जारी नियुक्ति-पत्र के अनुसार, गुलजार सिंह को कोल्हान क्षेत्र में संगठन के विस्तार, मानवाधिकार संरक्षण तथा संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप सामाजिक एवं जनजागरूकता संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही उन्हें संगठन के संविधान एवं नियमावली के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुलजार सिंह का दृष्टिकोण और संकल्प
संगठन के अध्यक्ष भीष्म सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि गुलजार सिंह अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में कोल्हान क्षेत्र में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा संगठन का विस्तार भी प्रभावी ढंग से होगा।
नियुक्ति के बाद गुलजार सिंह ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे तथा कोल्हान क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
AHRJ की भूमिका और कोल्हान क्षेत्र की चुनौतियां
Assembly of Human Rights & Justice (AHRJ) लंबे समय से देश के विभिन्न राज्यों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कार्यरत है। झारखंड का कोल्हान प्रमंडल, जिसमें जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और चाईबासा जैसे जिले शामिल हैं, आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र भी है। यहां विस्थापन, वनाधिकार, श्रमिक अधिकार और पुलिस उत्पीड़न जैसे मुद्दे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
ऐसे में गुलजार सिंह जैसे अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी पूर्व की सामाजिक सक्रियता और स्थानीय मुद्दों की समझ संगठन को ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर मजबूती देगी। मानवाधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय स्तर पर नेतृत्व मजबूत होने से मामलों की रिपोर्टिंग और निपटारे में तेजी आएगी।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार घोषणापत्र के अनुच्छेद 1 में कहा गया है कि सभी मनुष्य स्वतंत्र और समान गरिमा एवं अधिकारों के साथ पैदा होते हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय भी स्थानीय स्तर पर मानवाधिकार रक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण मानता है। AHRJ का यह कदम इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
भविष्य की कार्ययोजना और अपेक्षाएं
नवनियुक्त क्षेत्रीय सचिव गुलजार सिंह ने संकेत दिए हैं कि उनकी प्राथमिकता में ग्रामीण इलाकों में लीगल अवेयरनेस कैंप लगाना, थानों और जेलों की निगरानी करना तथा विस्थापित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास के मुद्दे को प्रमुखता से उठाना शामिल है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को संगठन से जोड़कर एक व्यापक नेटवर्क खड़ा करने का भी संकल्प लिया है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए आशा जताई है कि कोल्हान में मानवाधिकार संरक्षण का एक नया अध्याय शुरू होगा। आने वाले दिनों में गुलजार सिंह के नेतृत्व में AHRJ की गतिविधियां जमीन पर कितना असर डाल पाती हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।

