लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: शहर के व्यस्त इलाके जुबली पार्क के बाहर शुक्रवार को दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने एक महिला के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए।
पीड़िता चंदना दास अपने नाती के साथ जुबली पार्क घूमने आई थीं और पार्क से निकलने के बाद रौनक फास्ट फूड के पास रुकी थीं। इसी दौरान बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर बदमाशों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त का कार्यालय स्थित है। ऐसे में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
जुबली पार्क के बाहर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर शहर के व्यस्ततम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जुबली पार्क पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों का पसंदीदा स्थल है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग घूमने आते हैं। ऐसे में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग की वारदात पुलिस की गश्ती प्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्क के प्रवेश और निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती आवश्यक है।
पिछले छह महीनों में जमशेदपुर में चेन झपटमारी की घटनाओं में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अधिकांश वारदातें भीड़भाड़ वाले बाजारों और पार्कों के आसपास हुई हैं। अपराधी अक्सर बाइक पर सवार होकर आते हैं और महिलाओं तथा बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान जैसे अभियान चलाए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम अपेक्षित नहीं दिख रहे।
नागरिकों के लिए सुरक्षा सुझाव
- कीमती आभूषण पहनकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- पार्क या बाजार में मोबाइल फोन और पर्स को सुरक्षित रखें।
- संदिग्ध व्यक्तियों या बाइक सवारों को देखकर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 100 या स्थानीय थाने को सूचित करें।
- बच्चों और बुजुर्गों के साथ होने पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, “हमारे इलाके में पुलिस की गश्त नाममात्र की है। शाम ढलते ही असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।” वहीं, महिला सुरक्षा संगठन की अध्यक्ष नीता सिंह ने मांग की कि पार्क क्षेत्र को सेफ जोन घोषित कर वहां महिला पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती की जाए।
पुलिस उपायुक्त अमित कुमार ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें। अधिक जानकारी के लिए झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

