लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
भुइयांडीह अतिक्रमण मामले: विधायक पूर्णिमा साहू का हस्तक्षेप
भुइयांडीह अतिक्रमण मामले में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने प्रभावित परिवारों की पीड़ा को समझते हुए प्रशासनिक स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप की पहल की है। बरसात के मौसम में बेदखली की कार्रवाई से सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने आश्रय का संकट खड़ा हो गया है, जिसे देखते हुए विधायक ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया है।
जमशेदपुर। भुइयांडीह के कल्याणनगर एवं इंद्रानगर में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों की शिकायत पर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने जिला उपायुक्त राजीव रंजन से दूरभाष पर वार्ता कर बरसात के मौसम में बेदखली की कार्रवाई स्थगित करने और पहले पुनर्वास सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
विधायक ने कहा कि जिन 145 परिवारों को नोटिस जारी किया गया है, उनके दस्तावेजों का शीघ्र सत्यापन कर प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ते हुए सम्मानजनक पुनर्वास किया जाए। उन्होंने प्रशासन से न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और अंचल अधिकारी व अक्षेस अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यावहारिक समाधान निकालने की अपील की।
बाद में पूर्णिमा साहू ने भुइयांडीह के प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं निकला तो वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मामले से अवगत कराएंगी तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत की मांग करेंगी।
प्रभावित परिवारों को मिले न्याय: आगे की राह
इस पूरे प्रकरण में विधायक पूर्णिमा साहू की सक्रियता ने प्रभावित परिवारों में एक नई उम्मीद जगाई है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक और मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की घोषणा से यह स्पष्ट होता है कि सरकार गरीबों के हितों के प्रति संवेदनशील है। बरसात के मौसम में बेघर होने का दंश झेल रहे परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है।

