छौड़ाही प्रखंड क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा आयोजन की तैयारी को लेकर राधेकृष्ण सेवा परिवार ट्रस्ट की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आगामी धार्मिक अनुष्ठान की भव्यता और सफलता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ की रूपरेखा
छौड़ाही। राधेकृष्ण सेवा परिवार ट्रस्ट की बैठक रविवार को छौड़ाही प्रखंड क्षेत्र के ऐजनी पंचायत के राजोपुर गांव में हुई।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रामनरेश यादव ने की।
इसमें आगामी 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड के बेलसंडी गांव में होने वाले श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि ट्रस्ट के सदस्य राजकुमार आजाद के आवास पर आयोजित होने वाले सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में श्रीधाम अयोध्या से आचार्य लव-कुश शास्त्री जी महाराज पहुंचेंगे।
उनके श्रीमुख से श्रद्धालुओं को संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया जाएगा।
आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा, कथा स्थल की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार और अन्य आवश्यक तैयारियों पर सदस्यों ने विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के विभिन्न कार्यों के लिए ट्रस्ट सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
आयोजन का सामाजिक और धार्मिक महत्व
श्रीमद्भागवत कथा हिंदू धर्म ग्रंथों में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इसके श्रवण मात्र से भव बाधाओं का नाश होता है और भक्ति भाव जागृत होता है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, यह कथा मोक्ष प्राप्ति का सरल मार्ग है। बेलसंडी जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के भव्य आयोजन से आसपास के गांवों में धार्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संचार होता है। ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस ज्ञान यज्ञ में संगीतमय प्रस्तुति श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर देगी।
कोषाध्यक्ष रामनरेश यादव ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा धार्मिक आस्था के साथ समाज में संस्कार, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा देने का माध्यम है।
उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने की अपील की।
प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति और संकल्प
बैठक में बिहारी यादव, रामदेव दास, सहदेव राय, विनय शंकर, सुबोध प्रसाद बिहारी, शिवचन्द्र यादव, रविंद्र कुमार, पिन्टु कुमार, नीतम कुमारी और प्रभा देवी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन प्रातः कालीन मंगल आरती, दोपहर में कथा प्रवचन और संध्या कालीन भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। ट्रस्ट ने दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और आवास की निःशुल्क व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया है। प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य लाभ से वंचित न रहें।

