

लेखक: मनीषा शर्मा
नयी दिल्ली, 28 जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार असम में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की सांसदों के साथ बैठक
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन परिसर में असम के केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों से मुलाकात के बाद यह बात कही। इस साल अब तक, बाढ़ की वजह से राज्य में 68 लोगों की मौत हो चुकी है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत: राहत शिविर और बचाव कार्य
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी की सुरक्षा और कल्याण की कामना करता हूं।’’
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल तथा विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।
एएसडीएमए के आंकड़े
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में कुल 4,45,495 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
एएसडीएमए के मुताबिक, बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 90 राहत शिविर संचालित किये जा रहे हैं और इनमें 28,695 लोगों ने आश्रय लिया है। इसके अलावा, 94 राहत वितरण केंद्र भी काम कर रहे हैं।
बचाव अभियान में कई एजेंसियां शामिल
बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और सिविल डिफेंस के जवानों समेत कई एजेंसियां बचाव और राहत कार्य में शामिल हैं तथा प्रभावित इलाकों में 67 नौकाएं तैनात की गई हैं।
फसल और मवेशियों का नुकसान
एएसडीएमए के मुताबिक, बाढ़ की वजह से 37,139.52 हेक्टेयर में लगी फसल जलमग्न हो गई और 26,679 मवेशी बह गए।
स्थिति में सुधार
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि कई जिलों में जलस्तर घट रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि एक केंद्रीय टीम ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए सर्वाधिक प्रभावित जिलों में से एक, शिवसागर का दौरा किया।
अधिक जानकारी के लिए एनडीआरएफ की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

