लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
कांग्रेस कार्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन आज रांची में सुर्खियों में रहा।
कांग्रेस पर हमला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव झारखंड की सियासी जमीन पर दोनों दलों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है।
विपक्षी दलों ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन बताया और शांतिपूर्ण विरोध की मांग की।
सिन्हा ने आगे कहा कि पार्टी विधिक प्रक्रिया का पालन करेगी और किसी भी हिंसा की निंदा करती है।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग रखा।
स्थानीय निवासियों ने इस टकराव पर चिंता व्यक्त की और शांति बनाए रखने की अपील की।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी चुनावों में यह घटना मतदाताओं के ध्रुवीकरण को प्रभावित कर सकती है।
अधिक जानकारी के लिए BBC News देखें।
रांची: दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए कांग्रेस के धरने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को रांची स्थित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में जयपाल सिंह स्टेडियम से निकले जुलूस को कांग्रेस कार्यालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई तथा कुछ कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर अंडे भी फेंके। बैरिकेडिंग के दोनों ओर BJP और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
BJP ने राहुल गांधी को “विदेशी एजेंट” बताते हुए कांग्रेस पर देश के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए BJP पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस BJP के मंसूबों को सफल नहीं होने देगी।
इस प्रकार, रांची में हुए इस प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं।

