राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा स्थित सीटीसी प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। माटी गौड़ा पंचायत की मुखिया बॉबी मार्डी ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी और मनमानी का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सीटीसी खुलने के समय स्थानीय लोगों से रोजगार और विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज स्थिति इसके ठीक उलट है।
*”बिना पूछे कर दी बाहरी मजदूरों की बहाली”*
मुखिया बॉबी मार्डी का सबसे बड़ा आरोप बहाली को लेकर है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने वादा किया था कि मजदूरों की नियुक्ति से पहले पंचायत और मुखिया से सलाह ली जाएगी। लेकिन हकीकत में बिना किसी जानकारी के बाहर के मजदूरों को काम पर रख लिया गया।
मुखिया ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा,
_”CTC हमारा है, यहां की जमीन हमारी है। फिर भी हमसे पूछा तक नहीं गया। कहा गया था स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलेगी, आज सब झूठ साबित हुआ।”_
*बंद गेटों से बेहाल ग्रामीण, आंगनबाड़ी तक जाने में परेशानी*
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी समस्या आवागमन की है। मुखिया के अनुसार सीटीसी के 2 नंबर और 3 नंबर गेट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब सिर्फ एक ही गेट खुला है।
इसका असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों, दुकानदारों और आम ग्रामीणों पर पड़ा है। उन्हें रोजाना लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। सीटीसी परिसर के अंदर ही संचालित आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने में भी ग्रामीणों को भारी दिक्कत हो रही है। बच्चों को दूध पिलाने के लिए महिलाएं अब कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर रही हैं।
मुखिया ने बताया कि गेट बंद होने से कई दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। _”व्यापार ठप है, लोग पलायन को मजबूर हैं”_।
*1700 जवान आए, पर गांव के युवाओं को नहीं मिला काम*
सीटीसी में इस समय करीब 1700 जवान ट्रेनिंग के लिए आए हुए हैं। कैंटीन, सफाई, रखरखाव और अन्य दैनिक कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत है। लेकिन मुखिया का आरोप है कि इन कामों में भी आसपास के गांवों के बेरोजगार युवाओं को मौका नहीं दिया गया।
_”जब सीटीसी खुल रहा था तब वादा किया गया था कि हर घर से एक व्यक्ति को रोजगार मिलेगा। सड़क, पानी, स्वास्थ्य की सुविधाएं बढ़ेंगी। आज 1700 लोग यहां हैं, लेकिन गांव का एक भी युवा काम नहीं कर पा रहा”_ – मुखिया ने कहा।
*SP की कार्यशैली पर सवाल, भुगतान भी लटका*
मुखिया ने सीधे सीटीसी के SP की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। अधिकारी मामले को टाल रहे हैं जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ रहा है।
इसके अलावा 262 मजदूरों ने भी मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि सीटीसी में काम करने के बाद भी 25 दिन का वेतन अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
*”जल्द करेंगे शिकायत, नहीं माना तो आंदोलन”*
इस पूरे मामले को लेकर मुखिया बॉबी मार्डी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही जिले के बड़े अधिकारियों और स्थानीय विधायक से मिलकर लिखित शिकायत करेंगी।
_”अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो हम सभी ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे”_ – मुखिया ने चेतावनी दी।
20 सूत्री के जिला सदस्य सुशेन कालंदी ने भी सीटीसी प्रबंधन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
*मुखिया की 3 मुख्य मांगें*
1. *बहाली में पारदर्शिता* – मजदूरों की नियुक्ति में मुखिया और पंचायत को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए
2. *गेट खोले जाएं* – 2 नंबर और 3 नंबर गेट को तुरंत खोला जाए ताकि आवागमन सुगम हो सके
3. *स्थानीय को रोजगार* – सीटीसी में 70% नौकरियां आसपास के गांवों के योग्य युवाओं को दी जाएं
अभी क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और दुकानदारों में भी प्रबंधन के रवैये को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

