यूसीआईएल प्रबंधन के खिलाफ विस्थापितों का फूटा गुस्सा
पिंटू चकिया पर अवैध वसूली का आरोप, संपत्ति जांच की मांग
गुरुवार की बैठक में समाधान नहीं हुआ तो छह माइंस का होगा “हुड़का जाम” : बाघराय मार्डी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र में यूसीआईएल प्रबंधन के खिलाफ विस्थापितों और ठेका मजदूरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को नाम्दुप गांव में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने मजदूरों की छंटनी, अवैध वसूली और पर्यावरणीय समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी।
बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यूसीआईएल के ठेकेदार द्वारा विस्थापित परिवारों के करीब 10 मजदूरों को बिना कारण काम से हटा दिया गया है। वहीं तुरामडीह माइंस में कार्यरत मजदूरों से प्रतिदिन 50 रुपये तक की अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया। विरोध करने पर मजदूरों को काम से बैठा देने की बात कही गई।
ग्रामीणों ने कहा कि माइंस क्षेत्र में लगातार हो रही ब्लास्टिंग से पुराने नाम्दुप गांव के घरों में दरारें पड़ रही हैं और खदान से निकलने वाली धूल से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। प्रभावित परिवारों ने मुआवजा और तत्काल राहत की मांग की।
बैठक में सर्वसम्मति से पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी को आंदोलन का नेतृत्व सौंपा गया। उन्होंने कहा कि विस्थापितों और मजदूरों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि गुरुवार को होने वाली बैठक में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो यूसीआईएल की छह माइंस का “हुड़का जाम” किया जाएगा।
पिंटू चकिया समेत अधिकारियों पर गंभीर आरोप
विस्थापितों और ठेका मजदूरों ने यूसीआईएल कर्मी पिंटू चकिया पर अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों और कंपनी में प्रवेश करने वाले वाहनों से भी पैसे लिए जाते हैं। आरोप है कि कंपनी गेट के बाहर बने एक कमरे से अवैध लेनदेन संचालित होता है।
मजदूरों ने यूसीआईएल के जीएम चंचल मन्ना, गिरीश गुप्ता और पिंटू चकिया की संपत्ति जांच की मांग करते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद प्रबंधन कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

