कचहरी की जमीन पर क्यों कायम है बनारस क्लब कलेक्ट्रेट राजस्व बार एसोसिएशन वाराणसी के महामंत्री वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी ने मांगी बेदखली
(संतोष कुमार सिंह )
वाराणसी :- जब कचहरी परिसर के बगल में ही पर्याप्त जमीन उपलब्ध है तो कचहरी अन्यत्र क्यों जाये | बनारस क्लब लिमिटेड जो वाराणसी कचहरी से सटे हुए एक संस्था है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय को गुमराह कर अभी तक संचालित किया जा रहा है | उक्त बातें वरिष्ठ अधिवक्ता जीतेंद्र तिवारी महामंत्री कलेक्ट्रेट राजस्व बार एसोसिएशन वाराणसी ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही | उन्होंने बताया कि इसकी स्थापना 1848 ईस्वी में होना बताया जाता है जो कंपनी एक्ट 1882 के तहत एक पंजीकृत कंपनी होना बताया गया जो बिना किसी लाभ के पंजीकृत होकर संचालित होती चली आ रही है जिसके संबंध में एक लीज 8 अप्रैल 1925 ईस्वी को 90 वर्षों के लिए निष्पादित किया गया जिसमें कुल पांच आराजियात नम्बर-209,206,204, 210 व 208 शामिल है बनारस क्लब का लीज की अवधि 2015 में ही समाप्त हो गया | इसने न्यायालय को गुमराह कर ऊंचे रसूखदारों की मिलीभगत से अबतक अपना कब्जा जमाये हुए है | ऊंचे रसूखदारों में सनबीम समूह के अध्यक्ष दीपक मधोक,पू्र्व डीएम सुरेंद्र सिंह,धवल प्रकाश अग्रवाल,अमित कुमार अग्रवाल, नवीन कुमार,डॉक्टर प्रफुल्ल सोमानी, जयदीप सिंह,नरेंद्र प्रताप सिंह,दीपक अग्रवाल पूर्व कमिश्नर वाराणसी,उदय राज गढ़िया,उपनिबंधक सदर आदि के नाम शामिल हैं |
श्री तिवारी ने बताया कि इस मामले में सीटी मजिस्ट्रेट वाराणसी के द्वारा जांच के उपरांत एक वाद में आराजी नंबर 211 बाग मालिकान स्थित ग्राम पहाड़पुर व आराजी नंबर 850 कंपनी बाग पुलिस कार्यालय वाराणसी मौजा सिकरौल में दी बनारस क्लब लिमिटेड वाराणसी द्वारा अनाधिकृत रूप से कब्जा कर अध्यासित होने के कारण 27 जनवरी 2011 को बेदखली का आदेश पारित किया गया | उपरोक्त वर्णित आदेश के विरुद्ध जिला जज वाराणसी के न्यायालय में पब्लिक प्रोमिसेस एक्ट की अपील दाखिल सन 2021 में की गई | जो वर्तमान में न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट वाराणसी के यहां विचाराधीन है सभी विपक्षीगण ने एक राय होकर साजिशन अपराधिक षडयंत्र के तहत न्याय का मखौल उड़ाते हुए छल, धोखाधड़ी एवं कूट रचना का अपराध करते हुए कूट रचित व फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर तथा असलियत को छुपाकर न्यायिक प्रक्रिया को भ्रमित कर रहे हैं |
श्री तिवारी ने बताया कि दी बनारस क्लब लिमिटेड वाराणसी के सचिव व अन्य सदस्य काफी रसूखदार व पैसे वाले लोग हैं लिहाजा सरकारी मशीनरी को प्रभावित कर विधि विरुद्ध कार्य लगातार करते आ रहे हैं इसमें जिले के कमिश्नर अध्यक्ष व जिलाधिकारी उपाध्यक्ष होते हैं तथा अन्य सम्भ्रान्त अधिकारीगण व न्यायिक अधिकारी भी सदस्य होते हैं जिसका अनुचित लाभ उठाकर विपक्षीगण लगातार विधि विरुद्ध कार्य कर व न्यायिक प्रक्रिया को भ्रमित कर रहे हैं | इन सभी कूटरचित कारनामों का पर्दाफाश करने के लिए धारा 379 बीएनएसएस (पुरानी धारा 340 सीआरपीसी) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है | इसके जरिए वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी ने विपक्षियों द्वारा दाखिल किये गये जारी व कूटरचित दस्तावेजों की जांच कराते हुए विपक्षियों को दि बनारस क्लब की जमीन से बेदखल करने की मांग किया है |
पत्रकार वार्ता के दौरान अधिवक्ता जीतेंद्र तिवारी महामंत्री कलेक्ट्रेट राजस्व बार एसोसिएशन वाराणसी के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियरंजन तिवारी भी उपस्थित रहे और जबरदस्त तरीके से मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा ||

