जन्मजात दिल की बीमारी से जूझ रहे 5 बच्चों को मिला नया जीवन, सफल ऑपरेशन के बाद घर वापसी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर | 09 अप्रैल 2026 पूर्वी सिंहभूम जिले में सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के प्रयास से जन्मजात हृदय रोग (कंजेनाईटल हार्ट डिजीज) से पीड़ित पाँच बच्चों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन मिला है। इन बच्चों का ऑपरेशन श्री सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर के खारघर (नवी मुंबई) और कोंडापाका (हैदराबाद) स्थित केंद्रों में नि:शुल्क किया गया।
सफल सर्जरी के बाद सभी बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए। उनकी सुरक्षित वापसी पर सिविल सर्जन कार्यालय में उनका स्वागत किया गया और उनके उज्ज्वल स्वास्थ्य की कामना की गई।
बच्चों के अभिभावकों ने इस मानवीय पहल के लिए सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल और डीईआईसी (DEIC) की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन दिया है।
इस पूरी प्रक्रिया में आरबीएसके (RBSK) टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. प्रीति राय, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. शशांक चटर्जी एवं डॉ. मनीमाला सेन द्वारा बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद डीईआईसी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राज नारायण तिवारी एवं उनकी टीम ने सिविल सर्जन के निर्देशानुसार एक बच्चे को खारघर (मुंबई) और चार बच्चों को हैदराबाद भेजा, जहां सभी का सफल ऑपरेशन हुआ।
वापसी के अवसर पर डॉ. साहिर पाल, डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद, डॉ. राज नारायण तिवारी, डॉ. राजीव लोचन महतो, डॉ. प्रीति राय, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. शशांक चटर्जी, डॉ. मनीमाला सेन, डॉ. सौमेन दत्ता, डीईआईसी की सोशल वर्कर नमृता ठाकुर, कमलजीत कौर एवं आरबीएसके की एएनएम बेबी कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
डॉ. साहिर पाल ने बताया कि कंजेनाईटल हार्ट डिजीज से पीड़ित बच्चों के लिए सरकार द्वारा श्री सत्य साईं संजीवनी सेंटर के विभिन्न केंद्रों—मुंबई, खारघर, हैदराबाद और रायपुर में पूरी तरह नि:शुल्क इलाज, ऑपरेशन तथा आने-जाने की व्यवस्था उपलब्ध है।
यह पहल न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण भी जगाती है।

