Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » यूजीसी नियमों पर चुप्पी क्यों? सामान्य वर्ग की अनदेखी या सुनियोजित असमानता जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठन की चुप्पी पर सवाल
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड राजनीति सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    यूजीसी नियमों पर चुप्पी क्यों? सामान्य वर्ग की अनदेखी या सुनियोजित असमानता जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठन की चुप्पी पर सवाल

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 26, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Jamshedpur News | Rashtra Samvad
    Rashtra Samvad
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    यूजीसी नियमों पर चुप्पी क्यों? सामान्य वर्ग की अनदेखी या सुनियोजित असमानता जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठन की चुप्पी पर सवाल

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर/झारखंड यूजीसी द्वारा 13 जनवरी 2026 को लाए गए नए नियम, जिसे 15 जनवरी 2026 से लागू कर दिया गया, को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनाया गया, जिसमें यूजीसी के साथ सभी दलों के विपक्षी प्रतिनिधि भी शामिल थे। बावजूद इसके, नियम लागू होने के बाद अब तक केवल 8 प्रतिशत शिकायतें दर्ज होना अपने आप में कई संदेहों को जन्म देता है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह नियम सामान्य वर्ग के लिए समान अवसर वाला है या असमानता को संस्थागत रूप देने वाला। कमेटियों के गठन की बात तो हो रही है, लेकिन उनमें सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

    यूजीसी के इस नियम का सच सामने आने से आखिर नेता और मुख्यधारा की मीडिया क्यों बच रही है, यह प्रश्न आम युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल

    झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर के जनप्रतिनिधियों की इस मुद्दे पर चुप्पी को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता सहित कई प्रभावशाली राजनीतिक चेहरे अब तक इस पर खुलकर सामने नहीं आए हैं।

    इतना ही नहीं, सामाजिक संगठनों के प्रमुख चेहरों—पूर्व पुलिस उपाध्यक्ष कमल किशोर, शंभू सिंह, चंद्रगुप्त सिंह, रामबाबू तिवारी, विकास सिंह, अनिल ठाकुर, अप्पू तिवारी, सुबोध श्रीवास्तव और नटू झा—की चुप्पी भी युवाओं के बीच अविश्वास को बढ़ा रही है।

    बंटवारे की राजनीति या अधिकारों का हनन?

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते स्पष्टता नहीं लाई गई, तो यह मामला समाज में बंटवारे और अविश्वास को जन्म दे सकता है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या S4 का गठन सही और संतुलित तरीके से हो पाएगा।

    ब्राह्मण समाज, ब्रह्मर्षि समाज, चित्रगुप्त समाज और क्षत्रिय समाज के लिए यह समय केवल प्रतिक्रिया का नहीं, बल्कि गंभीर मंथन और एकजुट निर्णय का है।

    अब देखना यह है कि यूजीसी नियमों पर फैली चुप्पी कब टूटती है और जनप्रतिनिधि व सामाजिक नेतृत्व कब जनता को स्पष्ट जवाब देते हैं।

    यूजीसी नियमों पर चुप्पी क्यों? सामान्य वर्ग की अनदेखी या सुनियोजित असमानता जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठन की चुप्पी पर सवाल
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहजारीबाग में 3 दिन के नवजात की चोरी, अज्ञात महिला फरार
    Next Article रेड क्रॉस कार्यालय जमशेदपुर में धूमधाम से मना गणतंत्र दिवस, उपायुक्त ने फहराया तिरंगा

    Related Posts

    हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमियों को दी गई अहम जानकारी

    June 17, 2026

    रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला: लोकतंत्र के लिए ख़तरा

    June 17, 2026

    जिला योजना समिति की बैठक में 139 विकास योजनाओं पर मंथन, 38 योजनाओं को मिली स्वीकृति

    June 17, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमियों को दी गई अहम जानकारी

    रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला: लोकतंत्र के लिए ख़तरा

    जिला योजना समिति की बैठक में 139 विकास योजनाओं पर मंथन, 38 योजनाओं को मिली स्वीकृति

    रांची में आरएसएस कार्यालय हमले की जांच तेज: एसआईटी, एनआईए जुटी

    अमेरिका ने बदला ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ का नाम: भारत के लिए रणनीतिक संदेश?

    मोदी-ट्रंप वार्ता: भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ज़ोर

    झारखंड राज्यसभा चुनाव: सियासी हलचल और रिजॉर्ट राजनीति

    सुबह झमाझम बारिश, दोपहर में निकली तेज धूप; जमशेदपुर में फिर बढ़ा तापमान

    21 जून को गुरुद्वारा साहिब साकची में सजेगा भव्य कीर्तन दरबार, बीबी जसप्रीत कौर करेंगी गुरुबाणी कीर्तन

    पानी को दूषित किए जाने से और पेड़ काटे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.