लंबित श्रमिक मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने मनाया मांग दिवस
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। श्रमिकों और कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ, पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई ने सोमवार को मांग दिवस मनाया। इस दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
संघ के अनुसार, 26 से 28 जुलाई 2026 तक रांची में आयोजित केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में लंबित श्रमिक समस्याओं को लेकर 17 अगस्त को देशव्यापी मांग दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
ज्ञापन में कर्मचारी पेंशन योजना-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने तथा इसे महंगाई राहत से जोड़ने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही पेंशनधारकों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने और कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा तथा बोनस की गणना की अधिकतम सीमा को दोगुना करने की मांग की गई।
भारतीय मजदूर संघ ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, उपदान की गणना 15 के बजाय 30 दिनों के वेतन के आधार पर करने तथा इसकी अधिकतम सीमा समाप्त करने की मांग भी रखी। ठेका श्रमिकों समेत सभी कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और महंगाई के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की मांग की गई।
इसके अलावा आंगनबाड़ी, आशा, मध्याह्न भोजन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न योजना कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी, बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू करने तथा श्रम संहिताओं में मौजूद मजदूर विरोधी प्रावधानों में संशोधन की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संघ ने हैवी इंजीनियरिंग कंपनी, रांची और आठ राज्यों की 23 राष्ट्रीय कपड़ा मिलों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के साथ भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारियों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी उठाई।
जिला अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि संगठन की मांगें केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक न्याय, श्रमिक सम्मान और बेहतर रोजगार व्यवस्था से जुड़ी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर सभी मांगों पर समयबद्ध और त्वरित कार्रवाई करने की अपील की।

