लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
रवीन्द्र नाथ महतो ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण कर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर बल दिया।
रवीन्द्र नाथ महतो का स्वतंत्रता दिवस संबोधन
रांची। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण कर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए लोकतंत्र, संविधान, समानता और राष्ट्र-निर्माण के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने और अपना भविष्य स्वयं तय करने की आकांक्षा थी। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित खुदीराम बोस, मातंगिनी हाजरा और सूर्य सेन के योगदान को याद करते हुए उन्होंने झारखंड के तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और बिरसा मुंडा के संघर्ष को भी नमन किया।
लोकतंत्र और समानता पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, कानून का शासन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति के सम्मान का नाम है। उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और अवसरों की समानता सुनिश्चित करना जरूरी है।
झारखंड के संदर्भ में उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा संथाल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, रोजगार और संस्कृति के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर अधिक समतामूलक, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने अपने संबोधन का समापन “जय हिंद, जय झारखंड, जोहार” के साथ किया।
इस अवसर पर विधानसभा के अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे। अधिक जानकारी के लिए झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

