डीएलसी ने टाटा पावर प्रबंधन से मांगा जवाब, मजदूरों में आक्रोश
जमशेदपुर।
जिला श्रम समन्वयक (डीएलसी) द्वारा टाटा पावर प्रबंधन एवं ठेका कंपनी “आर के इरेक्टर” से जवाब तलब किए जाने के बावजूद किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मजदूरों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
बताया गया कि टाटा पावर के जोजोबेडा पावर प्लांट में विगत 15 वर्षों से कार्यरत दो ठेका मजदूर पवन कुमार एवं संजीव प्रसाद का अचानक पावर हाउस–7, बिष्टुपुर ट्रांसफर किए जाने के खिलाफ टाटा पावर मजदूर यूनियन द्वारा डीएलसी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत पर डीएलसी ने टाटा पावर प्रबंधन से जवाब मांगा था।
इस मामले की जानकारी लेने के लिए कॉम अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में करीब 50 मजदूर डीएलसी कार्यालय पहुंचे। वहां यह जानकारी मिली कि न तो टाटा पावर प्रबंधन की ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया है और न ही कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ। इससे मजदूरों में रोष और अधिक बढ़ गया।
इसके बाद सभी मजदूरों ने डीएलसी श्री अरविंद कुमार से मुलाकात कर ठेका कंपनी “आर के इरेक्टर” द्वारा मजदूरों को जबरन ट्रांसफर करने, काम से निकालने की धमकी देने तथा पे-स्लिप और ओवरटाइम भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की।
कॉम अंबुज ठाकुर ने कहा कि टाटा पावर प्रबंधन एवं ठेका कंपनी द्वारा नोटिस का जवाब न देना उनकी हठधर्मिता को दर्शाता है। उन्होंने डीएलसी से मांग की कि टाटा पावर और ठेका प्रबंधन के खिलाफ कड़ी एवं उचित कार्रवाई की जाए।
मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 17 जनवरी को मजदूरों की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जोरदार आंदोलन और हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी टाटा पावर प्रबंधन की होगी।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व कॉम अंबुज ठाकुर ने किया। मौके पर एटक कोल्हान प्रमंडल के उप महासचिव कॉम हीरा अरकने एवं कॉम धनंजय शुक्ला भी मजदूरों के समर्थन में उपस्थित रहे

